Yoga relieve period pain: पेट दर्द और ऐंठन से राहत के लिए पीरियड्स के दौरान जरूर करें ये योगासन

पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द कुछ महिलाओं को इतना ज्यादा होता है कि उन्हें इनके लिए दवाइयों तक का सहारा लेना पड़ता है जिससे उनके हॉर्मोन्स पर नकारात्मक असर पड़ता है। तो अगर आप भी पीरियड्स के दौरान दर्द का सामना करती हैं तो इन आसनों से पाएं राहत।

Priyanka SinghFri, 17 Sep 2021 08:12 AM (IST)
मलासन योग का अभ्यास करती हुई युवती

पीरियड्स में योग या एक्सरसाइज करना चाहिए या नहीं, इसे लेकर कई महिलाएं कंफ्यूज़ रहती हैं। तो आपको बता दें अगर आप पीरियड्स के वक्त भी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करेंगी तो ये बहुत ही फायदेमंद होता है। एक तो ये पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, मरोड़ की समस्या से तो राहत दिलाएगा ही साथ ही पेट फूलने और गैस वगैरह की प्रॉब्लम भी दूर करेगा। जो महावारी के दौरान बहुत ही आम समस्या होती है।

पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द कुछ महिलाओं को इतना ज्यादा होता है कि उन्हें इनके लिए दवाइयों तक का सहारा लेना पड़ता है जिससे उनके हॉर्मोन्स पर नकारात्मक असर पड़ता है। जिसकी वजह से कई दूसरी बीमारियां का खतरा बना रहता है। तो अगर आप भी पीरियड्स के दौरान भयंकर दर्द का सामना करती हैं तो इन आसनों से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

उपविष्ठ कोणासन या वाइड एंगल सीटेड फॉरवार्ड बैन्ड

इस आसन को करते वक्त हिप स्ट्रेच होता है जिससे ऐंठन की समस्या कम होती है और साथ ही अंदरूनी अंग भी एक्टिव होते हैं। करते वक्त भले ही थोड़ी दिक्कत महसूस होगी लेकिन जैसे ही आप वापस नॉर्मल पोजीशन में आएंगी आपको पेट और हिप एरिया के आसपास आराम का एहसास होगा।

मलासन

पीरियड्स के दौरान इसे करना बहुत ही फायदेमंद होता है। ये हिप और जांघों के अंदरूनी हिस्से को खोलता है। जिससे ब्लड का फ्लो सही तरीके से होता है और जब फ्लो सही रहता है तो दर्द की समस्या खुद ब खुद दूर हो जाती है। तो मलासन की स्थिति में अपनी क्षमतानुसार ही जांघों को खोलें। ज्यादा करने के प्रयास से नस खींच भी सकती है।

तितलीआसन

पीरियड्स के दर्द और ऐंठन को दूर करने में ये आसन भी बहुत ही बेहतरीन है। जो रक्त संचार में सुधार करता है। पेट के अंगों, अंडाशय और मूत्राशय को एक्टिव करने में बहुत मदद करता है।

जानुशीर्षासन

इस आसन को करने से पीरियड्स से जुड़ी ज्यादातर समस्या दूर हो जाती हैं। गैस, ब्लॉटिंग की प्रॉब्लम भी नहीं होती।

पश्चिमोत्तानासन

इस आसन को करने से पेट पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है जिससे अंदरूनी अंगों का मालिश होती है। जिससे उस एरिया में रक्त संचार सुचारू रूप से होता है जिससे दर्द और तकलीफ से पूरी तरह से राहत मिलती है।

कितनी बार करें- यहां बताए गए सभी आसनों को कम से कम तीन से पांच बार करने का प्रयास करें। शरीर के साथ जबरदस्ती न करें वरना दर्द दूर होने के बजाय बढ़ भी सकता है। हर एक आसन में कम से कम 15-20 सेकेंड रूकने का भी अभ्यास करना है तभी इसका फायदा मिलता है।

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