Protein Week: डाइट में लेंगे प्रोटीन, तो बढ़ेगी रोगप्रतिरोधक क्षमता और बीमारियां होंगी दूर

Protein Week प्रोटीन के सेवन से जुड़े आम मिथकों पर न्यूट्रीशनिस्ट ऋतिका समद्दर कहती हैं एक आम धारणा यह है कि प्रोटीन को पचाना मुश्किल होता है इससे वज़न बढ़ता है और प्रोटीन सिर्फ बॉडी बिल्डर्स के लिए होता है।

Ruhee ParvezWed, 28 Jul 2021 10:50 AM (IST)
डाइट में लेंगे प्रोटीन, तो बढ़ेगी रोगप्रतिरोधक क्षमता और बीमारियां होंगी दूर

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Protein Importance: यह हम सब जानते हैं कि एक इंसान के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार की ज़रूरत होती है। तभी आहार विशेषज्ञ भी स्वस्थ और तंदुरुस्त शरीर के लिए संतुलित भोजन लेने की सलाह देते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हर एक पोषक तत्व की एक अलग अहमियत होती है। जैसे सभी पोषक तत्वों में प्रोटीन हमारे शरीर के विकास और मज़बूती के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है। प्रोटीन को लेकर कई तरह के मिथक भी फैले हुए हैं, यही वजह है कि हर साल भारत में 24 से 30 जुलाई तक प्रोटीन वीक मनाया जाता है, ताकि लोगों को इससे जुड़ी जानकारी दी जा सके।

प्रोटीन के सेवन से जुड़े आम मिथकों पर न्यूट्रीशनिस्ट ऋतिका समद्दर कहती हैं, "एक आम धारणा यह है कि प्रोटीन को पचाना मुश्किल होता है, इससे वज़न बढ़ता है और प्रोटीन सिर्फ बॉडी बिल्डर्स के लिए होता है। ऐसे में डाइट में पर्याप्त प्रोटीन्स सुनिश्चित करना ज़रूरी है।

प्रोटीन की अहमियत

समद्दर ने बताया कि प्रोटीन दो प्रकार के होता है; पूर्ण और अपूर्ण, जिसका पता अमीनो एसिड्स की बनावट से चलता है। पूर्ण प्रोटीन्स पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स, अंडा, दूध, मछली, आदि में पाए जाते हैं। पूर्ण प्रोटीन के स्रोत, जैसे चिकन, टर्की, बत्तख और अंडे प्रोटीन की मात्रा और गुणवत्ता में उच्च होते हैं और पूरी तरह से पच जाते हैं। अंडे और पॉल्ट्री प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत तो होते ही हैं, उनमें विटामिन-ए, विटामिन बी12, ज़िक, आयरन और सेलेनियम जैसे माइक्रोन्यूट्रीयेन्ट्स भी भरपूर होते हैं। एक अंडा लगभग 7 ग्राम प्रोटीन देता है, जबकि 100 ग्राम चिकन, बत्तख या टर्की में यह लगभग 20 से 21 ग्राम तक होता है। इसलिए प्रोटीन की मात्रा ही नहीं, गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।

प्रोटीन के फायदे

समद्दर ने बताया, "अंडे और पॉल्ट्री जैसे उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन खाने से मेटाबोलिज्म बढ़ता है, संतुष्टि मिलती है और एनर्जी लेवल हाई रहते हैं। प्रोटीन का पर्याप्त सेवन नहीं करने से कमज़ोरी और थकान होती है, घाव भरने में देर लगती है और लंबी अवधि में यह कुपोषण के अलावा लाइफस्टाइल की बीमारियों का रूप ले लेता है, जैसे सेंट्रल एडिपोजिटी, डायबीटीज़ और हाई ट्राइग्लीसराइड लेवल्स।"

डाइट में प्रोटीन शामिल करने से

1. मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है

2. हड्डियां मज़बूत होती हैं

3. घाव भरने में सहायक होता है

4. मानसिक स्वास्थ के लिए उपयोगी

5. वज़न नियंत्रण में मददगार

6. प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता है

समद्दर ने आगे कहा, "महामारी के इस दौर में भी जिस न्यूट्रीयेन्ट की सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है और जो सबसे ज़्यादा महत्व रखता है, वह प्रोटीन ही है। इम्यु्निटी निर्मित करने और रोगों से लड़ने के लिए भी प्रोटीन ज़रूरी है। रिकवरी के बाद मांसपेशियों को हुए नुकसान की भरपाई करने, इम्युनिटी क्षमता निर्मित करने और एनर्जी लेवल हाई रखने के लिए भी प्रोटीन का सेवन बढ़ाना महत्वपूर्ण होता है। इसलिए, सुनिश्चित कीजिए कि आप तंदुरूस्त, चुस्त और सक्रिय रहने के लिए चिकन, बत्तख, अंडे, टर्की जैसे प्रोटीन को अपनी डाइट में शामिल करें।"

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