Jagran Dialogues: कोरोना का बच्चों की सेहत पर क्या हुआ है असर, उन्हें कैसे रखें सुरक्षित और उनके वैक्‍सीन की क्या है तैयारी? जानें एक्सपर्ट से

Jagran Dialogues के लेटेस्ट एपिसोड में जागरण न्यू मीडिया के सीनियर एडिटर Pratyush Ranjan ने इसी मुद्दे पर LHMS Delhi के प्रोफेसर डॉक्टर प्रवीण कुमार से विस्तृत बातचीत की। Jagran Dailogues की Covid-19 से जुड़ी सीरीज का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर किया जा रहा है।

Pravin KumarTue, 03 Aug 2021 01:50 PM (IST)
बच्चे के मानसिक विकास में स्कूल का अहम योगदान होता है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।Jagran Dialogues: कोरोना संक्रमण कम होने और ठीक होने वालों की संख्या बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, कोरोना महामारी का खतरा टला नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस की तीसरी लहर का अंदेशा अब भी बरकरार है। इस लहर से बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों का ख्याल रखना जरूरी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही संक्रमण के प्रसार को विस्तार दे सकती है। वहीं, आम लोगों के मन में तीसरी लहर और बच्चों की वैक्सीन और बचाव को लेकर भी कई तरह के सवाल हैं। खासकर बच्चे इससे कितने प्रभावित हो सकते हैं, यह बड़ा सवाल है। Jagran Dialogues के लेटेस्ट एपिसोड में जागरण न्यू मीडिया के सीनियर एडिटर Pratyush Ranjan ने इसी मुद्दे पर Lady Hardinge Institute of Medical science, Delhi के प्रोफेसर Doctor Praveen Kumar से विस्तृत बातचीत की। Jagran Dialogues की Covid-19 से जुड़ी सीरीज का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ किया जा रहा है। आइए जानते हैं विस्तार से-

1. सवाल:- कोरोना महामारी की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में बच्चे क्यों अधिक प्रभावित हुए?

जवाब:- डॉक्टर प्रवीण कुमार ने कहा कि जैसा कि हम सब जानते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या 4 लाख तक पहुंच गई थी। इसमें काफी संख्या में बच्चे भी शामिल थे। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या अधिक थी। ऐसा नहीं हुआ है कि दूसरी लहर में वयस्क की तुलना में बच्चे अधिक प्रभावित हुए हैं, बल्कि संक्रमितों की संख्या अधिक होने के चलते बच्चे भी अधिक संक्रमित पाए गए। 

2. सवाल:-एक्सपर्ट्स के द्वारा तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में बच्चों को कोरोना के संक्रमण से कैसे बचाया जाए? आप अपनी राय और सलाह दें-

जवाब:- कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भी कोरोना गाइडलाइन्स का पालन किया जाना चाहिए। बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े भी मास्क पहनकर घर से बाहर निकलें, दो गज की दूरी का पालन करें और अनचाही वस्तुओं को न छुएं। अपने हाथों को नियमित अंतराल पर साफ पानी से धोएं। बच्चों को भी इन नियमों का पालन करने की सलाह दें। ऐसा करने से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

3. सवाल:-बच्चों को Covid से बचाने का बेस्ट तरीका क्या हो सकता है या कहिए बच्चों के लिए Covid Appropriate Behaviour क्या होना चाहिए?

जवाब:-बच्चे के मानसिक विकास में स्कूल का अहम योगदान होता है। बच्चे एक-दूसरे से मिलते हैं, सीखते हैं और अनुशासन का पालन करते हैं। इससे बच्चों का मानसिक और सामाजिक विकास होता है। इसीलिए स्कूल खोलने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, स्कूल खोलने के बाद तीन चीजों पर सभी को ध्यान देने की जरूरत है।

- खुले मैदान में पिक एंड ड्राप की सुविधा मिलनी चाहिए।

-स्कूल में प्रवेश द्वार पर तापमान मापने की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही मास्क पहनकर आने वाले बच्चों और बड़ों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए।

-स्कूल में कार्यरत सभी लोगों को टीका लगा हो।

साथ ही बच्चों के सहयोग के लिए सहकर्मी की सुविधा होनी चाहिए। अगर किसी बच्चे का मास्क चेहरे से नीचे आ जाता है, तो उसे टीचर या सहकर्मी सही करें। वाशरूम में पानी और सैनिटाइजर की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।

4. सवाल:-अगर घर में कोई फैमिली मेंबर कोरोना संक्रमित हो जाए, या माता-पिता में से कोई एक या फिर दोनों संक्रमित हो जाएं, तो ऐसे मामलों में बच्चों को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए-

जवाब:-इस स्थिति में संक्रमित व्यक्ति सबसे पहले खुद को आइसोलेट करें। अगर बच्चा संक्रमित है, तो माता-पिता बच्चे की देखभाल करें। इस दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें। वहीं, अगर परिवार में बच्चे और माता-पिता सभी संक्रमित हैं, तो सभी लोग साथ में रह सकते हैं। हालांकि, जरूरी पड़ने पर सुरक्षित व्यक्ति को शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बाकी लोगों की मदद करनी चाहिए।

5.सवाल:- अगर किसी बच्चे को फीवर हो जाए और कोरोना के लक्षण दिखने शुरू हो जाए, तो उस केस में तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए? क्या करें अगर बच्चा कोरोना संक्रमित हो जाए-

जवाब:-कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर मान्यता प्राप्त कोरोना हॉस्पिटल में जांच कराएं। डॉक्टर से कोरोना संक्रमण के लक्षणों और उपचार के बारे में बात करें। कोरोना के लक्षण दिखने पर लापरवाही बिल्कुल न बरतें, बल्कि तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। अगर कोताही बरतते हैं, तो संक्रमण फैल सकता है। परिवार के सभी लोग संक्रमित हो सकते हैं।

6.सवाल:-दूसरी लहर में ऐसे मामले देखे गए हैं, जहां माता-पिता दोनों ही कोरोना के शिकार हो गए, ऐसे बच्चों की मदद के लिए क्या किया जा सकता है। क्या कोई हेल्पलाइन नंबर है, जहां से मदद मांगी जा सके, या मदद देने के लिए किससे संपर्क करना चाहिए?

जवाब:-सभी राज्यों में COVID Care Centre की सुविधा उपलब्ध है। अगर माता-पिता बीमार हैं और परिवार में कोई आदमी नहीं है, तो COVID Care Centre में आप अपने बच्चे को दे सकते हैं। वहीं, WCB के अंतर्गत ऐसी सुविधा की गई है, जिसमें माता-पिता के न होने पर बच्चों की देखभाल की जा सके।

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