ब्रेड खाना सेहत के लिए है कितना सही? फिटनेस फ्रीक लोग खाते समय रखें इन बातों का ध्यान

वुडन प्लेट में रखी हुई व्हाइट ब्रेड

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवार्यमेंट के हाल के एक अध्ययन के अनुसार सभी तरह की ब्रेड में कार्सिनोजन्स केमिकल्स होते हैं जो कैंसर और थॉयराइड रोगों का कारण बनते हैं। व्हाइट ब्रेड के बजाय साबुत अनाज की ब्रेड या 100 प्रतिशत गेहूं की ब्रेड चुनने की सलाह देते हैं।

Priyanka SinghThu, 25 Feb 2021 07:00 AM (IST)

ब्रेड को सिर्फ ब्रेकफास्ट में ही नहीं, बल्कि इसे स्नैक्स, लंच और डिनर में भी खाया जाता है। इसे बच्चेहो या बड़े, सभी बड़े ही चाव से खाते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट की मानें तो ब्रेड के इसी बढ़ते सेवन ने सेहत विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवार्यमेंट के हाल के एक अध्ययन के अनुसार सभी तरह की ब्रेड में कार्सिनोजन्स केमिकल्स होते हैं, जो कैंसर और थॉयराइड रोगों का कारण बनते हैं। हमारे यहां बिकने वाली तमाम ब्रेड के 84 प्रतिशत नमूनों में पोटैशियम ब्रोमेट व पोटैशियम आयोडेट पाया जाता है। इन ऑक्सिडाइजिंग एजेंट्स पर कई देशों में प्रतिबंध लगा है।

सेहत से समझौता न करें

व्हाइट ब्रेड के बजाय साबुत अनाज की ब्रेड या 100 प्रतिशत गेहूं की ब्रेड चुनने की सलाह देते हैं, क्योंकि व्हाइट ब्रेड ज्यादा प्रोसेस्ड सफेद आटा यानी मैदा से बनाया गया है। अगर आपको ब्रेड में व्हाइट ब्रेड का ही सेवन करना है तो अपने आसपास एक बेकरी तलाशें, जहां आप उनसे तरह-तरह की ब्रेड्स बनवा सकते हैं। इन होममेड बेकरियों की ब्रेड में फाइबर अधिक और चीनी कम मिल सकती है। किराने की दुकानों से मिलने वाली ब्रेड्स होममेड ब्रेड की तुलना में ज्यादा प्रोसेस्ड होंगी। इस तरह की ब्रेड शुगर के स्तर को बढ़ाती है।

बेकरी से ताज़ी ब्रेड बनवाएं, जिसमें चीनी की मात्रा कम और फाइबर में अधिक हो, कम से कम 3 ग्राम प्रति सर्विंग होना चाहिए। ब्रेड खाने से पहले और बाद में अपने शरीर की प्रतिक्रिया जानने के लिए शुगर लेवल की जांच करें। इस रीडिंग के आधार पर ही ब्रेड खाना या न खाना सुनिश्चित करें।

अगर हो दिल की बीमारी

ब्रेड्स ग्लूटन युक्त होते हैं और सामान्य परिस्थतियों में दिल संबंधी खाद्य पदार्थों के योग्य नहीं होते हैं, लेकिन कई प्रकार के ब्रेड हैं, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल और स्वस्थ फाइबर युक्त कार्ब्स से भरपूर हैं। लो फैट वाली ब्रेड को आमतौर पर ब्राउन ब्रेड कहा जाता है, जो सोया के साथ बनाई जाती है और वह आपके दिल के लिए अच्छी होती हैं। अन्य प्रकार के ब्रेड होल व्हीट ब्रेड होते हैं जैसे कि व्हीट ब्रेड और रागी ब्रेड। अलसी और अखरोट ब्रेड को ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ फोर्टिफाइड किया जाता है। चूंकि ये अच्छे कोलेस्ट्रॉल से भरपूर होते हैं, इसलिए ये भी दिल के लिए स्वस्थ होते हैं। आटे ब्रेड खाई जा सकती है, यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर देती है।

फिटनेस की बात

आप जो भी ब्रेड खाते हैं, उसका प्रत्येक टुकड़ा 100 प्रतिशत साबुत गेहूं का होना चाहिए, इसलिए होलग्रेन या मल्टीग्रेन ब्रेड का ही सेवन करें। ब्रेड की 2 स्लाइस आपको उचित फाइबर की पूर्ति करेगी। वहीं कार्ब्स के लिए भी आप ब्रेड की दो स्लाइस दिनभर में ले सकते हैं। कई लोगों के डाइट चार्ट में शाम के स्नैक्स में दो मल्टीग्रेन ब्रेड पर पीनट बटर लगाकर खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि फिटनेस की बात हो तो हमें प्रोटीन, कार्ब्स और फाइबर इन सभी चीज़ों से युक्त संतुलित भोजन करना होता है। वजन कम करना चाहते हैं तो व्हाइट ब्रेड से दूरी बना लें। थोड़ी मात्रा में ब्रेड खाना नुकसानदेह नहीं है, बशर्ते आप इससे ब्रेड रोल और ब्रेड पकौड़ा जैसी चीज़ें न खाएं।

Pic credit- freepik

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.