Diabetes Mellitus Effect: कहीं आप डायबिटीज मेलिटस के तो शिकार नहीं, जानिए इस बीमारी के लक्षण और प्रभाव

Diabetes Mellitus Effect: कहीं आप डायबिटीज मेलिटस के तो शिकार नहीं, जानिए इस बीमारी के लक्षण और प्रभाव
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 01:31 PM (IST) Author: Shilpa Srivastava

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। डायबिटीज मेलिटस कोरोनावायरस से हुई मौतों का सबसे बड़ा कारण बन गया है। डायबिटीज मेलिटस डायबिटीज का ही एक प्रकार है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर खून में बहुत ज्यादा हो जाता है। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने वाले इंसुलिन की संवेदनशीलता और कोशिकाओं में संचार ठीक से न होना ही डायबिटीज मेलिटस का मुख्य कारण है। डायबिटीज मेलिटस मेटाबॉलिज्म संबंधी कई बीमारियों के समूह का नाम है। डायबिटीज मेलिटस को डीएम (DM) के नाम से भी जाना जाता है।

डायबिटीज मेलिटस में सभी तरह की डायबिटीज शामिल होती है। टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज, गर्भावधि डायबिटीज और सेकेंडरी डायबिटीज मुख्य रूप से डायबिटीज मेलिटस के प्रकार हैं। हरियाणा में डायबिटीज मेलिटस मौतों का सबसे बड़ा कारण बना है। दो अगस्त तक हरियाणा में जितनी मौतें हुई है उसमें 62 फीसदी लोगों को इसी तरह की बीमारी थी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक वायरस संक्रमित 433 लोगों में 8 प्रतिशत इसी बीमारी के कारण चपेट में आ गए। आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों में कई तरह की बीमारिया थी।

स्वास्थ्य सेवा की निदेशक डॉ उषा गुप्ता ने बताया कि मरीज में कई बीमारियों का एक साथ होना कोविड-19 से हुई मौतों का मुख्य कारण है। इसमें मरीज को एक साथ हाइपरटेंशन, डायबिटीज और कई बीमारियां होती है।

डायबिटीज मेलिटस होने पर अग्नाशय पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है। शरीर की कोशिकाओं में इंसुलिन को ठीक से संचारित करने की क्षमता कम होती जाती है।

डायबिटीज मेलिटस के मुख्य लक्षण।

ज्यादा से ज्यादा पानी की तलब होना और ज्यादा भूख लगना बार-बार पेशाब लगना आंखों की रोशनी कम होना शरीर में थकान का अनुभव होना अचानक से वजन कम होने लगना चोट या घाव ठीक होने में देरी यूरिन इंफेक्शन बार-बार होन

डायबिटीज मेलिटस के मरीज करें अपना बचाव

डायबिटीज से पीड़ित लोगों को उनके ग्लूकोज लेवल को लेकर ज्यादा सजग रहने की जरुरत है। दवा के साथ डायबिटीज पीड़ितों को ऐसी डाइट लेनी चाहिए जिससे उनकी शुगर कंट्रोल रहे। अपनी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए उचित दवाईयां लेनी चाहिए। इस महामारी में डायबिटीज के मरीजों को अपना ध्यान खुद रखना चाहिए। इंसुलिन सहित डॉक्टर द्वारा बताई गई दवायें नियमित लें। रोज कसरत करें, इससे बीमारी का असर कम होता है। 

                               Written By Shahina Noor

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