Covid-19 & Diabetes: डायबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो कोरोना के इन लक्षणों के बारे में ज़रूर जान लें

डायबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो कोरोना के इन लक्षणों के बारे में ज़रूर जान लें

Covid-19 Diabetes कोरोना वायरस उन लोगों के लिए और भी ख़तरनाक साबित होता है जिन्हें डायबिटीज़ दिल किडनी आदि से जुड़ी क्रोनिक बीमारियां हैं। एक शोध के मुताबिक जो लोग डायबिटीज़ से जूझ रहे हैं उनके पॉज़ीटिव होने की संभावना 30 प्रतिशत अधिक हो जाती है।

Ruhee ParvezTue, 18 May 2021 02:20 PM (IST)

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Covid-19 & Diabetes: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर भारत में कहर बरपा रही है। पहली लहर के मुकाबले इस बार ये संक्रमण दोगुनी तेज़ी से फैला। इसके लक्षण भी पिछले साल के मुकाबले काफी अलग और अलग तरह के देखे गए। पिछले साल जहां उम्रदराज़ लोग इस संक्रमण की चपेट में ज़्यादा आते दिखे, वहीं, इस साल बच्चों से लेकर उम्रदराज़ लोग इससे संक्रमित होते दिखे।

कोरोना वायरस उन लोगों के लिए और भी ख़तरनाक साबित होता है जिन्हें डायबिटीज़, दिल, किडनी आदि से जुड़ी क्रोनिक बीमारियां हैं। एक शोध के मुताबिक, जो लोग डायबिटीज़ से जूझ रहे हैं उनके पॉज़ीटिव होने की संभावना 30 प्रतिशत अधिक हो जाती है।

इम्यूनिटी को भी प्रभावित करती है डायबिटीज़: ख़राब ग्लूकोज़ का स्तर शरीर में इंसुलिन के उत्पादन से समझौता करता है और प्रतिरक्षा को दबा देता है।

पोषक तत्व अवशोषण: डायबिटीज़ की वजह से पोषक तत्वों का अवशोषण मुश्किल हो जाता है। साथ ही ख़राब रक्त प्रवाह और यहां तक ​​कि बीमारी से रिकवरी में भी समय लगता है।

कोविड-19 के लक्षण, जिनसे डायबिटीज़ के मरीज़ों को सचेत रहना चाहिए:

त्वचा पर चकत्ते, कोविड टोज़

डायबिटीज़ के मरीज़ों में त्वचा पर चकत्ते, संक्रमण, कटने पर घाव का देर से भरना जैसी दिक्कतें आम होती हैं। इसलिए अगर आपको डायबिटीज़ है और आप त्वचा पर चकत्ते, पैरों की उंगलियों में सूजन, दर्द महसूस करें को सतर्क हो जाएं। 

कोविड निमोनिया

कोविड में देखा जा रहा है कि लोगों को निमोनिया भी हो रहा है। ऐसे में अगर आप डियबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो निमोनिया आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से वायरस के लिए फेफड़ों को संक्रमित करना आसान हो जाता है। 

ऑक्सीजन स्तर का कम होना

मधुमेह के रोगियों के लिए ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट एक बड़ी जटिलता पैदा कर सकती है। इसकी वजह से उन्हें सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और सांस फूलना जैसी दिक्कतें आ सकती हैं।

ब्लड ग्लूकोज़ का स्तर ख़राब होना

ब्लड ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ा हुआ होने से शरीर में इंसुलिन उत्पादन में बाधा आती है, जिससे प्रतिरक्षा पर भी बुरा असर पड़ता है।  इसका नतीजा ये होता है कि वायरस आसानी से पैनक्रियाज़ पर अटैक कर सकता है और डायबिटीज़ को और ख़राब कर सकता है।

ब्लैक फंगस इंफेक्शन

जो लोग डायबिटीज़ से जूझ रहे हैं, वे ख़तरनाक ब्लैक फंगस इंफेक्शन का भी शिकार हो सकते है, जिसका समय पर पता न लगे, तो जानलेवा साबित हो सकता है। 

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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