सर्दियों में त्वचा रहे खिली-खिली इसके लिए क्या करें?

सर्दियों का मौसम बहुत सुहावना होता है लेकिन इस मौसम में त्वचा की अगर सही तरह से देखभाल न की जाए तो इसकी रौनक कम हो सकती है। आइए जानें कि किस प्रकार से त्वचा में निखार लाया जा सकता है।

Ruhee ParvezPublish:Mon, 06 Dec 2021 11:56 AM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 11:56 AM (IST)
सर्दियों में त्वचा रहे खिली-खिली इसके लिए क्या करें?
सर्दियों में त्वचा रहे खिली-खिली इसके लिए क्या करें?

कानपुर, निहारिका सिंह। सर्दियों का मौसम बहुत सुहावना होता है, लेकिन इस मौसम में त्वचा की अगर सही तरह से देखभाल न की जाए तो इसकी रौनक कम हो सकती है। आइए जानें कि किस प्रकार से त्वचा में निखार लाया जा सकता है।

1. सर्दियों के दिनों में त्वचा की साफ-सफाई बहुत अच्छी तरह से करनी चाहिए। कारण, इस मौसम में त्वचा काफी रूखी हो जाती है और त्वचा के रोमछिद्र भी बंद हो जाते हैं।

2. सप्ताह में कम से कम एक बार स्क्रबिंग जरूर करें। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं आसानी से निकल जाती हैं। नतीजतन त्वचा में निखार आता है।

3. बहुत-सी महिलाएं यह सोचती हैं कि सर्दियों के दिनों में त्वचा पर सनस्क्रीन या लोशन लगाने की क्या जरूरत, लेकिन ऐसा नहीं है। सर्दियों के दिनों में भी कम से कम एक या दो बार सनस्क्रीन क्रीम या लोशन का प्रयोग अवश्य करें। इससे त्वचा सूर्य की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहती है। खासकर घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन क्रीम या लोशन का प्रयोग अवश्य करें।

4. सर्दियों के दिनों में समय-समय पर त्वचा की क्लेंजिंग व टोनिंग भी करते रहना चाहिए। अगर सुबह के समय आपके पास समय की कमी रहती है तो रात में सोने से पहले अच्छी क्वालिटी के क्लेंजिंग मिल्क से त्वचा की सफाई करें। इसके बाद टोनर का इस्तेमाल करें। इससे त्वचा में निखार आता है और त्वचा नर्म-मुलायम बनी रहती है।

5. मौसम की मार से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए माइश्चराइजर का भी प्रयोग करें। अगर आपकी त्वचा रूखी है तो आयल वाले माइश्चराइजर का प्रयोग करें और यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो आयल फ्री माइश्चराइजर का प्रयोग करना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

6. हाथों और पैरों की त्वचा को नर्म-मुलायम बनाए रखने के लिए महीने में कम से कम दो बार मैनीक्योर व पैडीक्योर जरूर करें।

7. रात में सोने से पहले हाथों पर अच्छी क्वालिटी के हैंड लोशन का प्रयोग कर सकती हैं। इससे हाथ मुलायम रहेंगे।

8. सप्ताह में दो-तीन बार एड़ियों की भी अच्छी तरह से सफाई करें। इससे वे फटने से बची रहती हैं। एड़ियों की अच्छी तरह सफाई करने के बाद इन पर हर्बल क्रीम या लोशन जरूर लगाएं। इससे ये मुलायम बनी रहेंगी।

9. प्रतिदिन स्नान करने से पहले थोड़ी देर हाथ-पैर की मालिश अवश्य करें। इससे रक्तसंचार अच्छी तरह होता है साथ ही त्वचा मुलायम बनी रहती है।

10. बालों को मुलायम और चमकदार बनाए रखने के लिए बालों को साफ करने के बाद उनकी तेल से मालिश करें। कुछ समय तक बालों में तेल लगा रहने दें। फिर बालों को किसी माइल्ड शैम्पू से धो लें।

11. सर्दियों के दिनों में होंठों का फटना भी एक आम बात है। होंठों को मौसम की मार से बचाने के लिए इन पर अच्छी क्वालिटी का लिपबाम या कोई क्रीम या लोशन जरूर लगाएं।

12. सर्दियों के दिनों में साबुन का अधिक प्रयोग करने से त्वचा रूखी हो जाती है। इसलिए कोशिश करें कि साबुन का कम से कम प्रयोग करें। चाहें तो माइल्ड सोप का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके साथ ही साबुन का प्रयोग करने के बाद त्वचा पर बाडी लोशन या क्रीम जरूर लगाएं। इससे त्वचा मुलायम बनी रहेगी।

13. सर्दियों के दिनों में शुष्क हवा की वजह से सिर की त्वचा में भी रूखापन आने लगता है। सिर की त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए सप्ताह में एक दिन गुनगुने तेल से सिर की त्वचा की मालिश अवश्य करें। इससे सिर की त्वचा खुश्क नहीं होने पाएगी। नतीजतन डैंड्रफ होने का भी खतरा नहीं रहेगा।

14. सर्दियों के दिनों में त्वचा को अंदर से पोषण देने के लिए प्रतिदिन एक-दो बार ग्रीन टी का सेवन जरूर करें। इससे त्वचा को पोषण तो मिलता ही है साथ ही यह सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी रहती है। कारण, इसमें पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्व न केवल त्वचा के लिए लाभदायक होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी।

15. सर्दियों के दिनों में त्वचा की अच्छी तरह देखभाल करने के साथ-साथ अपने आहार पर भी ध्यान दें। इसके लिए प्रतिदिन मौसमी हरी सब्जियों और मौसमी फलों का सेवन करें। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के मोटे अनाजों का भी किसी न किसी रूप में सेवन करती रहें। इससे त्वचा को अंदर से पोषण मिलता है और उसमें निखार आता है।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।