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शिक्षक के खाते से उड़ाये एक लाख 80 हजार रुपये

शिक्षक के खाते से उड़ाये एक लाख 80 हजार रुपये
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 08:43 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर : साइबर जालसाजों द्वारा तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों के खाते से रुपये उड़ाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में जालसाजों ने बूढ़ीगोडा उत्क्रमित उच्च विद्यालय के शिक्षक के मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करा एक लाख 80 हजार रुपये उड़ा लिए। चक्रधरपुर रिटायर्ड कॉलोनी निवासी सह शिक्षक गौतम घोष ने चक्रधरपुर थाने में अज्ञात जालसाजों के खिलाफ सनाह दर्ज कराया है। गौतम घोष ने बताया कि 11 अगस्त की सुबह उसके मोबाइल में एक लिखा हुआ मैसेज आया था। मैसेज में जिओ नंबर का केवाईसी अपडेट करने को लिखा गया था। साथ ही केवाइसी अपडेट नहीं होने पर फोन नंबर बंद हो जाएगा। मैसेज देखने के बाद शिक्षक ने मैसेज में आए लिंक पर क्लिक किया, तो फोन से सीधे कॉल लग गई। कॉल को एक व्यक्ति ने रिसीव किया। उस व्यक्ति ने शिक्षक को कहा कि वह जिओ कस्टमर केयर से बोल रहा है । उसने कहा कि केवाईसी अपडेट करने के लिए एक एप मोबाइल के प्ले स्टोर से डॉउनलोड करना होगा। साथ ही 10 रुपये के तीन रिचार्ज जिओ एप से करना होगा। उसकीबातों में आकर शिक्षक गौतम घोष ने मोबाइल में टीम व्यूअर एप डाउनलोड कर लिया। उस व्यक्ति ने टीम व्यूआर एप का कोड शिक्षक से मांगा, जिसे शिक्षक ने बता दिया। उसके बाद उस व्यक्ति ने जिओ एप के जरिए शिक्षक से 10 रुपये का रिचार्ज करने को कहा। शिक्षक ने अपने बंधन बैंक के यूपीआई खाते से 10 रुपये का रिचार्ज किया। इसके बाद उस व्यक्ति ने 10-10 रुपये का दो रिचार्ज दूसरे बैंक खाते से करने को बोला। शिक्षक ने स्टेट बैंक के खाते से रिचार्ज किया। इस बीच शिक्षक को बंधन बैंक के खाते से 22 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। मैसेज देख शिक्षक ने उस व्यक्ति को कहा की मेरे खाते से पैसे कट रहे हैं। तब उस व्यक्ति ने शिक्षक को कहा कि केवाईसी अपडेट हो रहा है इसलिए पुराना मैसेज आप के पास आ रहा है। इस बीच उसने बातों में फंसाकर शिक्षक के स्टेट बैंक खाते से बगैर ओटीपी बताए करीब एक लाख 60 हजार रुपये ऑनलाइन निकाल लिया। इस दौरान पांच से छह बार में शिक्षक के दोनों बैंक अकाउंट से करीब एक लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। उस शातिर व्यक्ति ने पैसे निकालने के बाद शिक्षक से टीम व्यूअर एप को मोबाइल से डिलीट भी करवा दिया। जब शिक्षक ने मोबाइल में पैसे कटने का मैसेज का डेट देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसके बाद शिक्षक ने एटीएम कार्ड व खाते को ब्लॉक करा दिया है। ये रखें सावधानी : कभी भी अपना एटीएम पासवर्ड, ओटीपी किसी को नहीं दें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर टीम व्यूअर एप, एनी डेस्क एप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर उसका कोड नहीं बताएं। कोई भी बैंक तथा मोबाइल कंपनी ऑनलाइन केवाइसी अपडेट नहीं करती है।

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