रूंगटा के चलियामा स्टील संयंत्र के विस्तारीकरण को ग्रामीणों ने दी हरी झंडी

रूंगटा के चलियामा स्टील संयंत्र के विस्तारीकरण को ग्रामीणों ने दी हरी झंडी

लौह अयस्क के कारोबार से जुड़े देश के दिग्गज रूंगटा समूह के राजनगर स्थित चलियामा स्टील प्लांट का विस्तार करने के लिए ग्रामीणों ने अपनी सहमति दे दी है। कंपनी 7360 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टील प्लांट का विस्तार करेगी।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 07:51 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, चाईबासा : लौह अयस्क के कारोबार से जुड़े देश के दिग्गज रूंगटा समूह के राजनगर स्थित चलियामा स्टील प्लांट का विस्तार करने के लिए ग्रामीणों ने अपनी सहमति दे दी है। कंपनी 7360 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टील प्लांट का विस्तार करेगी। कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। चाईबासा मूल की यह कंपनी अभी 1.037 मिलियन टन स्टील प्रति वर्ष बनाती है। विस्तारीकरण के बाद इसकी क्षमता 2.88 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। रूंगटा माइंस लिमिटेड चलियामा प्लांट के एवीपी बीके सिंह ने बताया कि चलियामा स्ट्रील संयंत्र के विस्तार में चलियामा, बंकासाई व कुजू गांव आता है। चलियामा स्टील संयंत्र का विस्तार 1.039 एमटीपीए से 2.8805 किया जा रहा है। गत 27 अगस्त 2020 को 1.039 एमटीपीए के विस्तार के लिए कंपनी को पर्यावरणीय स्वीकृति मिली। प्लांट परिसर में ही सीमेंट संयंत्र की अतिरिक्त सुविधा स्थापित की जाएगी। वहीं, कोल वाशरी और फेरो एलाय संयंत्र में कोई बदलाव नहीं होगा। सुनवाई के समय मुख्य रूप से अपर उपायुक्त सुबोध कुमार, पर्यावरण विभाग से सुरेश पासवान, मिथिलेश झा सहित अन्य पदाधिकारी व रूंगटा माइंस लिमिटेड के पदाधिकारी उपस्थित थे। कंपनी प्रभावित गांवों के युवाओं को दें रोजगार, प्रदूषण का भी रखें ख्याल : गीता कोड़ा

पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बुलाई गई जनसुनवाई में सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्लांट का विस्तारीकरण होगा तो प्रदूषण तो निश्चित फैलेगा। इसको रोकने के लिए कंपनी की ओर से ठोस पहल होनी चाहिए। इसके अलावा कंपनी की ओर से दस किलोमीटर की दूरी पर पड़ने वाले गांव के बेरोजगार युवकों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी मिलनी चाहिए। क्योंकि स्थानीय लोगों ने इस आशा के साथ कंपनी को जमीन दी थी कि अब हम लोगों को दूसरे राज्य नहीं जाना पड़ेगा, इसका कंपनी को विशेष ख्याल रखना चाहिए। गीता कोड़ा ने कहा कि लोक सुनवाई को जिस तरह स्थानीय लोगों ने समर्थन किया है, ठीक उसी तरह कंपनी को भी स्थानीय लोगों का विशेष ख्याल रखना होगा। समय-समय पर प्रभावित गांव में स्वास्थ्य शिविर, शुद्ध पेयजल, शिक्षा व 80 प्रतिशत दस किलोमीटर रेंज के लोगों को रोजगार देने की पहल करनी होगा। लोकसुनवाई में इन्होंने भी रखी अपनी बात

लोक सुनवाई को ग्राम प्रधान सुजीत कुमार नायक, जमीनदाता हिमांशु प्रधान, मनीष कुमार सुम्बरूई, सिदिऊ तियु, अशोक कुमार खंडाइत, दशमत मांझी, हरे कृष्ण प्रधान, गणेश महाली, अंशु, मेगराय मार्डी अनिल कुमार महतो, कमलेश्वर महतो, विशु हेंब्रम, हेमंत कुमार सिंहदेव, सुभाष बेसरा कमल लोहार आदि ने भी संबोधित किया और कंपनी के विस्तारीकरण को हरी झंडी दे दिया।

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