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पहले दिन ई-पास हुआ फेल, सर्वर डाउन रहने के कारण परेशान रहे लोग

पहले दिन ई-पास हुआ फेल, सर्वर डाउन रहने के कारण परेशान रहे लोग

पश्चिम सिंहभूम जिले में रविवार को पहले ही दिन राज्य सरकार की ई-पास सेवा फेल हो गयी। सर्वर डाउन रहे के कारण लोग पास डाउनलोड नहीं कर सके।

JagranSun, 16 May 2021 08:03 PM (IST)

जागरण संवाददाता, चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में रविवार को पहले ही दिन राज्य सरकार की ई-पास सेवा फेल हो गयी। सर्वर डाउन रहे के कारण लोग पास डाउनलोड नहीं कर सके। दिन भर उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ा। ई-पास नहीं बन पाने के कारण लोगों ने अपने जरूरी काम टाल दिये और घर पर ही रहे। इधर, रविवार से लागू लॉकडाउन का असर जिले में देखने को मिला। सुबह से ही गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। जरूरी काम को छोड़कर मोटरसाइकिल सवार भी सड़कों पर नहीं निकले। इस दौरान पुलिस का पहरा चौक-चौराहों पर सख्त किया गया था। खासकर अंतरराज्यीय और अंतर जिला सीमाओं को सील कर आने जाने वाले लोगों से ई-पास और नेगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही थी। बाहरी के प्रवेश पर रोक के लिए नोवामुंडी के जोजोकैंप के पास बैरिकेड लगाया गया था। इसके अलावा जैंतगढ़ के पास और मझगांव प्रखंड के बेनीसागर सीमा पर भी बैरिकेड लगाकर दूसरे राज्य से प्रवेश करने वाले लोगों की जांच की जा रही थी। इस दौरान जिनके पास वैध कागज और कोविड-19 की नेगेटिव रिपोर्ट थी, उन्हें जिले में प्रवेश करने दिया गया। अन्यथा बाकी लोगों को वापस ओडिशा भेज दिया गया। जैंतगढ़ चेकनाका के पास मेडिकल टीम को तैनात किया गया था। यहां हर व्यक्ति की जांच की जा रही थी। रविवार होने के कारण सीमा पर आवाजाही बेहद कम रही।

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---------क्या कहते हैं लोग ------

मैंने ई-पास बनवाने के लिए साइट पर जाने की बहुत कोशिश की, पर साइट नहीं खुल रही है। मैं ओडिशा के करंजिया जाने वाला था। ई-पास नहीं बनने के कारण नहीं जा पाया। सरकार को सरवर ठीक करने का प्रयास करना चाहिए।

- जगमोहन पान, चाईबासा।

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मैं अपने गांव जाने के लिए परिवार के साथ तैयार हुआ हूं, पर सरवर डाउन होने के कारण ई-पास नहीं बन पाया इसीलिए आज गांव जाने का कार्यक्रम नहीं हो पाया। सरकार को ई-पास की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए।

- सुजल कुमार पान, भोंडा।

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मैं एक समाजसेवी हूं। लोग मुझे फोन कर समस्या बता रहे हैं। ई-पास बनाने के लिए मोबाइल से कई बार कोशिश की, लेकिन साइट नहीं खुली। ई-पास नहीं बनने के कारण मैं लोगों के पास नहीं जा पा रहा हूं और ना ही समस्या सुन पा रहा हूं।

- पुरेंद्र हेंब्रम, कुमारडुंगी ।

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ससुराल में बहन का तबियत खराब है, उसे देखने के लिए जाना था। घर से बाहर निकलने के लिए ई-पास मांगा जा रहा है। मैंने अपने फोन में प्रयास किया, पर कामयाब नहीं हुए। जरूरी कामों के लिए मानकी-मुंडा या मुखिया के हस्ताक्षर वाला पास मान्य होना चाहिए।

- पोलित नारायण पान, छोटारायकमन।

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ई-पास बनाने के लिए सुबह से 25-30 लोग मेरे पास आए थे, लेकिन जिनका भी ई-पास बनाने के लिए आवेदन किए सरवर डाउन ही बता रहा है। इससे जरूरी काम में जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और ई-पास नहीं बन सका।

- आकिब अहमद, प्रज्ञा केंद्र संचालक।

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ई-पास बनाने के लिए लगभग 19 आवेदन आये थे। बड़ी मुश्किल से 12 ई-पास बनाये गये। 7 आवेदन अभी पेंडिग है। सरवर धीमा रहने की वजह से सभी का पास नहीं बन पाया। जरूरी काम से जाने वाले व्यक्तियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

- अरशद आलम, प्रज्ञा केंद्र संचालक मझगांव।

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