चाईबासा में स्वास्थ्य कर्मी करण मुखी को लगी पहली कोरोना वैक्सीन

चाईबासा में स्वास्थ्य कर्मी करण मुखी को लगी पहली कोरोना वैक्सीन

पश्चिम सिंहभूम जिला में पहला कोरोना वैक्सीन का टीका सफाई कर्मी करण मुखी को दिया गया। इसके बाद डा. जगन्नाथ हेंब्रम को टीका लगाया गया।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:49 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला में पहला कोरोना वैक्सीन का टीका सफाई कर्मी करण मुखी को दिया गया। इसके बाद डा. जगन्नाथ हेंब्रम को टीका लगाया गया। टीका लगाने के बाद उपायुक्त अरवा राजकमल समेत सभी ने ताली बजाकर इनका स्वागत किया। एक वॉयल से 10 लोगों को टीका लगाने के बाद सभी को एक रुम में 30 मिनट तक बैठाकर रखा गया। किसी मरीज में कोई परेशानी नजर नहीं आने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। शनिवार को सदर अस्पताल चाईबासा में 70 लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन दिया गया। इसकी तैयारी सुबह से ही कर ली गई थी। सिविल सर्जन डा. ओपी गुप्ता समेत अन्य चिकित्सा पदाधिकारियों ने कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 10 बजे टीका केंद्र में पहुंचकर सारी तैयारी कर ली थी। इसके बाद 11 बजे उपायुक्त अरवा राजकमल ने पहुंचकर वैक्सीन से संबंधित जानकारी लेते हुए वैक्सीनेशन शुरू करने का आदेश दिया। 11.30 बजे सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी करण मुखी समेत 10 लोगों का रजिस्ट्रेशन कर एक कमरे में रखा गया। 11.46 बजे करण को टीका लगाया गया। इस दौरान सभी की नजरें करण पर जमी हुई थी। टीका लगाते ही मौके पर मौजूद सभी लोगों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उनको एक अन्य रुम में 30 मिनट तक बैठाकर रखा गया। इसी के साथ ही एमटीसी प्रभारी डा. जगन्नाथ हेंब्रम, एएनएम मधुमिता मित्रा, सिविल सर्जन डा. ओपी गुप्ता, डा. संजय कुजूर, डा. अरुण कुमार, डा. विजय मुंधडा, डा. वीणा मुंधडा, डा. सुंदर मोहन समाड समेत 70 लोगों को टीका लगाया गया। इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि हर्ष की बात है कि प्रथम चरण में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया है। जिन्होंने विगत एक वर्ष में अपनी जान की परवाह किए बगैर जिले में लगभग पांच हजार कोरोना पाजिटिव व्यक्तियों की सेवा में तथा 2 लाख 25 हजार से अधिक कोरोना नमूना संग्रह एवं जांच में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैक्सीन का पहला डोज लोगों को दिया जा रहा है तथा इसी प्रकार 28 दिनों के उपरांत पुन: वैक्सीन का दूसरा डोज भी दिया जाएगा। सिविल सर्जन डा. ओपी गुप्ता ने कहा कि यह टीका पुन: संयोजित विधि से तैयार किया गया है। इसमें रिएक्शन नहीं होता है, लेकिन रिएक्शन का अगर कोई भी दूरस्थ मामले भी आते हैं तो हम लोग उसके लिए तैयार हैं। इसके लिए चिकित्सक भी नामांकित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन से किसी को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। अवसर आने पर इसे सभी को लेना चाहिए।

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