रेलवे जीएम को बड़ाजामदा में सौंपा समस्याओं का पुलिदा

दक्षिण-पूर्व रेलवे महाप्रबंधक अर्चना जोशी सोमवार को एक दिवसीय दौरे में बड़ाजामदा स्टेशन पहुंची। उन्होंने बड़ाजामदा स्टेशन प्लेटफार्म में करीब आधे घंटे तक रुककर संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर बातचीत की।

JagranMon, 18 Oct 2021 07:57 PM (IST)
रेलवे जीएम को बड़ाजामदा में सौंपा समस्याओं का पुलिदा

संवाद सूत्र, नोवामुंडी : दक्षिण-पूर्व रेलवे महाप्रबंधक अर्चना जोशी सोमवार को एक दिवसीय दौरे में बड़ाजामदा स्टेशन पहुंची। उन्होंने बड़ाजामदा स्टेशन प्लेटफार्म में करीब आधे घंटे तक रुककर संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर बातचीत की। मौके पर जिला परिषद सदस्य शंभू हाजरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने कोलकाता से पहुंची महाप्रबंधक को गुलदस्ता देकर स्वागत किया। उन्होंने महाप्रबंधक से भेंटवार्ता के दौरान बड़ाजामदा रेलवे प्लेटफॉर्म संख्या दो से रेलवे साइडिग यार्ड तक रेलवे फूट ओवरब्रिज निर्माण कराने और बंद टाटा-गुवा सवारी गाड़ी व टाटा-गुवा ईएमयू ट्रेन दोबारा चालू करने से संबंधित मांग पत्र सौंपा। शंभू हाजरा ने रेलवे जीएम को बताया कि बड़ाजामदा में रेलवे से संबंधित तीन मुद्दों को लेकर 2017 से मांग पत्र रेलवे के चक्रधरपुर डीआरएम और कोलकाता के जीएम को कई बार सौंपा जा चुका है, फिर भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि दो नंबर प्लेटफार्म से साइडिग यार्ड तक फुट ओवरब्रिज नहीं होने के कारण पांड्राशाली, दिरीबुरु, पाताहातु, नयागांव, टंकीसाई आदि इलाके के लोगों को रेलवे लाइन पार कर स्टेशन फ्लेटफॉर्म की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर स्कूली बच्चे शहरी क्षेत्र में संचालित स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। इन्हें माता-पिता को स्कूल जाने और लौटने के दौरान रेलवे लाइन पार कराने के लिए घंटों रेल पटरी के निकट इंतजार करना पड़ता है। अप या तो डाउन लाइन पर मालगाड़ी खड़ी रहने पर बच्चों के लिए और अधिक परेशानी होती है। बताया कि कोरोना काल को ध्यान में रखते हुए टाटा-गुवा सवारी गाड़ी और टाटा-गुवा ईएमयू ट्रेन को बंद कर दिया गया है। फिलहाल सभी जगह धार्मिक अनुष्ठान और गाड़ियां खुल गई हैं। ऐसी स्थिति में दोनों सवारी गाड़ी को फिर से चलाने की अनुमति दी जाए। सवारी गाड़ी के बिना यात्रियों को अधिक किराया देकर यात्री बस में सफर करना पड़ रहा है। उन्होंने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए फिर से सवारी गाड़ी चालू करने की मांग की है। बताया कि यह क्षेत्र माइनिंग बेल्ट होने के कारण केंद्र और राज्य सरकार को सालाना अरबों रुपये राजस्व मिल रहा है फिर भी यहां के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रेलवे महाप्रबंधक ने सारी समस्याओं को सुनने के बाद इसे गंभीरता से लेने का आश्वासन देकर बड़बिल के लिए विशेष सैलून में सवार होकर निकल गईं। जीएम से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल में गोव‌र्द्धन चौरासिया, बिनोद साहू, मनोज सुल्तानिया, बसंत गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, प्रफुल्ल महाकुड़ आदि मौजूद थे।

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