मानसिक दिव्यांगों के प्रति हों संवेदनशील: पीडीजे

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को सदर अस्पताल में विश्व मा

JagranSun, 10 Oct 2021 06:42 PM (IST)
मानसिक दिव्यांगों के प्रति हों संवेदनशील: पीडीजे

जासं,सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को सदर अस्पताल में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के हक व अधिकार के साथ-साथ समाज के दायित्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी पीडीजे रामवचन सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य ही असली धन है। एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होता है। अपवाद को छोड़कर कोई भी व्यक्ति जन्म से मानसिक दिव्यांग नही होता। पूरा शरीर मस्तिष्क से नियंत्रित होता है। जिसमें किसी तरह की कमजोरी आने के कारण उसके व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिलता है। अगर कहीं भी कोई मानसिक दिव्यांग दिखें तो उसपर हंसने या परेशान करने के बजाए संवेदनशील होकर उसकी मदद करें। आज के दिन सभी को संकल्प लेने की जरूरत है। लोग मानसिक रूप से बीमार लोगों के बारे में पुलिस व प्राधिकार को सूचना दें।

ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारी की भी यह फ‌र्स्ट ड्यूटी है कि वह मानसिक दिव्यांग को प्राथमिकता के आधार पर उसकी मदद करें। कई बार ऐसा देखा जाता है कि मानसिक रूप से दिव्यांग कचरे या झाड़ी में पड़े दिखते हैं। ऐसे में हम एक काल कर मानसिक दिव्यांग की मदद का सामाजिक क्रांति के वाहक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की संपत्ति की भी सुरक्षा का प्रविधान है। मेंटली अस्वस्थ व्यक्ति अगर कोई क्राइम करता है तो जांच कराकर उसका इलाज किया जाएगा,जब वह सक्षम होगा तो तब उसका ट्रायल चलेगा। ऐसे लोगों के लिए दंड संहिता में बेल का भी प्रावधान किया गया है। प्रभारी पीडीजे ने डाक्टरों का भगवान का दूसरा रूप बताते हुए पूरी निष्ठा से सेवा कार्य करने को कहा। विभाग

के कर्मियों को भी ईमानदारी से कार्य निर्वहन करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र तक सही जानकारी मीडिया पहुंचाता है। ऐसे में लोगों तक सही व जरूरी जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। सीजेएम आनंदमणि त्रिपाठी ने भी कहा कि प्राधिकार भी मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को निश्शुल्क

रूप से कानूनी मदद उपलब्ध कराता है। लोगों को जागरूक होकर अपने अधिकार प्राप्त करना चाहिए। सिविल सर्जन डा.प्रमोद कुमार सिन्हा ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थता भी एक बीमारी है। मानसिक स्वस्थ व्यक्ति को समुचित प्रक्रिया के तहत इलाज के लिए भेजा जाता है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मंजीत कुमार साहू ने कहा कि आज पूरा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मना रहा है। इस वर्ष का थीम एक असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य है। इसका उद्देश्य है बिना किसी असमानता के अभियान को गति दी जाए। नालसा के तहत वंचित लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। कार्यक्रम में प्रभारी पीडीजे रामवचन सिंह, सीजेएम आनंदमणि त्रिपाठी, एसडीजेएम मनीष कुमार, एनडीसी राजेन्द्र कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मंजीत कुमार साहू व डीएसपी पतरस बरवा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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