ईद मिलादुन्नबी पर ग्रामीण क्षेत्रों में जश्न

संवाद सहयोगी राजमहल (साहिबगंज) ईद मिलादुन्नबी मंगलवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया। स

JagranTue, 19 Oct 2021 06:16 PM (IST)
ईद मिलादुन्नबी पर ग्रामीण क्षेत्रों में जश्न

संवाद सहयोगी, राजमहल (साहिबगंज) : ईद मिलादुन्नबी मंगलवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया। सोमवार की रात ईद मिलादुन्नबी पर ग्रामीण क्षेत्रों में आकर्षक विद्युत साज सज्जा की गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रातभर जश्न मनाया। करबला, नूरुद्दी टोला, उसमल्ली टोला, कछुवाकोल, महाजनटोला, हाजी जमशेदटोला, फुलवरिया, समसपुर, दाहू टोला सहित अन्य इलाकों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। मक्का मदीना के प्रारूप को बनाते हुए उसे आकर्षक तोरण द्वार व विद्युत लाइट से सजाया गया था।

रातभर युवाओं की टोली के साथ-साथ बच्चे एवं बूढ़े भी नबी साहब के जन्मदिन के जश्न में मेला सरीखा माहौल में घूमते और नबी साहेब की इबादत करते नजर आए। कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए ईद मिलादुन्नबी पर एक बार फिर जुलूस नहीं निकाला गया। लोगों में इसका मलाल तो देखा गया। स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टिकोण से इसका अनुपालन भी किया गया।

तीनपहाड़ : मंगलवार को तीनपहाड़ में शान व शौकत के साथ जुलूस निकला। जुलूस में काबा समेत अन्य झाकियां देखते ही बन रही थी। लोग नात ए पाक सुनते हुए रसूले पाक की शान में कलाम पेश करते रहे। जुलूस बैंक मोड़, हाथीगढ़, तीनपहाड़ बाजार, नीचे टोला होकर गुजरा। सुरक्षा के लिए जुलूस के साथ पुलिस तैनात थी।

उधवा में नहीं निकला जुलूस

उधवा : उधवा प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ ईद मिलादुन्नबी मनाई गई। जंगलपाड़ा, दरगाहडांगा, पियारपुर, कटहलबाड़ी, बेगमगंज, उत्तर पलाशगाछी, दक्षिण पलाशगाछी, अमानत, पश्चिमी प्राणपुर सहित अन्य क्षेत्रों में कोविड-19 को देखते हुए इस बार जुलूस नहीं निकाला। अपने-अपने गांवों में लोगों ने पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्मदिन मनाया।

शहर में शांतिपूर्ण मना मिलादुन्नबी

संवाद सहयोगी, साहिबगंज : शहर में मिलाद उल नबी का पर्व खुशी व अमन के साथ मनाया गया। मंगलवार की सुबह ही शहर के सभी मस्जिदों में हजरत मोहम्मद के नाम से कुरान-खानी का एहतमाम किया गया। सुबह सवेरे ही लोग ने पाक साफ होकर अपने अपने अनुसार नए कपड़ों का धारण कर मस्जिदों में जाकर कुरान का तिलावत किया। अल्लाह से दुआ की। इसके बाद दोपहर सभी लोगों ने अपने अपने घरों में रहकर ही ने नियाज फातेहा करवाया। चूंकि आज के दिन एक मौन जुलूस की भी परंपरा होती है लेकिन कोरोना को देखते हुए सरकार ने जुलूस की अनुमति नहीं दी थी। इस वजह से लोगों ने अपने अपने घरों में ही त्योहार मनाया।

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