हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को Zomato से मिला यह मैसेज, फिर आई मौत की खबर Ranchi News

रांची, जासं। Zomato - जोमैटो के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच कंपनी के एक मैसेज से एक कर्मचारी तनाव में आ गया। बताया जा रहा है कि धीरेन्द्र कुमार सिंह नाम का कर्मचारी कंपनी का मैसेज पढ़ने के बाद तनाव में आ गया और उसे ब्रेन हैमरेज हो गया। इससे उसकी मौत हो गई। धीरेन्द्र की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि सोमवार सुबह अचानक धीरेन्द्र की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद आनन-फानन में परिजन उसे लेकर रिम्स पहुंचे, जहां कुछ देर इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बता दें कि कंपनी द्वारा डिलीवरी पेआउट कम करने के विरोध में बीते एक सप्ताह से जोमैटो के कर्मचारी हड़ताल पर थे। कंपनी पेआउट नहीं बढ़ने को लेकर अपनी जिद्द पर अड़ी थी। इससे कई कर्मचारियों को हड़ताल के कारण अपना परिवार चलाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान पेआउट के अलावा सभी कर्मचारियों को सूचना मिली कि जोमैटो का सर्विस रांची में बंद होने वाला है। रविवार शाम कंपनी की ओर से सभी कर्मचारियों को एक ग्रीटिंग मैसेज मिला।

इसमें अबतक के कामों की सराहना की गई थी। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी अपनी सेवा बंद करने वाली है। इससे सभी बेरोजगार हो जाएंगे। धीरेन्द्र की पत्नी ने बताया कि बीते कई दिनों से वह तनाव में थे। अचानक जोमैटो कंपनी बंद होने की सूचना मिली और उसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसकी पत्‍नी ने बताया कि पहले से धीरेन्द्र को किसी तरह की बीमारी नहीं थी।

लोन पर लिया था बाइक

जोमैटो के कर्मचारियों ने बताया कि धीरेन्द्र समेत अन्य कर्मचारियों ने काम करने के लिए बाइक फाइनेंस कराया था। बाइक का सारा इंस्टाॅलमेंट बकाया था। घर में पत्नी के अलावा 2 बेटी और एक बेटा हैं। इनके पढ़ाई-लिखाई को लेकर वह हमेशा तनाव में रहता था। हड़ताल के दौरान भी काफी परेशान दिखता था। अचानक कंपनी की तरफ से मैसेज मिलने के बाद वह काफी परेशान हो गया।

कंपनी से 10 लाख मुआवजे पर अड़े जोमैटो राइडर्स

धीरेन्द्र की मौत के बाद सैकड़ों रायडर्स रिम्‍स पहुंचे और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सभी का कहना है कि उसकी मौत की जिम्मेवार कंपनी है। कंपनी में ज्वाइनिंग के समय 10 लाख का इंश्‍यूरेश कराया गया था। लेकिन अब कंपनी अपने वादे से पीछे हट रही है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर कंपनी उचित मुआवजा नहीं देती है तो सभी कर्मचारी आंदोलन करेंगे।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.