जानकर आप हो जाएंगे हैरान, यहां माड़ और भात खाकर पढ़ाई कर रहे सैकड़ों गरीब बच्‍चे

कहानी झारखंड के चतरा ज‍िले की है। यहां सरकारी स्‍कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों की थाली से सब्जी गायब हो गई है। वह माड़-भात खाकर कर पढ़ाई कर रहे हैं। उनके मध्याह्न भोजन का जायका ब‍िगड़ गया है। 15 महीनों से प्रतिपूर्ति मद में नहीं मिला आवंटन।

M EkhlaqueWed, 08 Dec 2021 04:53 PM (IST)
चतरा ज‍िले के एक सरकारी स्‍कूल में खाना खाते बच्‍चे। जागरण

चतरा, (जुलकर नैन) : सरकारी स्कूलों के नौनिहालों की थाली से सब्जी एवं पौष्टिक आहर गायब है। पिछले करीब 15 महीनों से बच्चे महज माड़-भात खाकर पढ़ाई कर रहे है। यह संकट उस मद में आवंटन नहीं मिलने के कारण उत्पन्न हुआ है। सितंबर 2020 से राज्य सरकार प्रतिपूर्ति भत्ता का आवंटन नहीं दे रही है।

दरअसल वैश्विक महामारी कोरोना की पहली लहर को देखते हुए अप्रैल 2020 से विद्यालय बंद कर दिए गए। लेकिन उसके बावजूद मध्याह्न भोजन योजना चल रही है। सरकार ने बच्चों को सूखा खाद्य पदार्थ का वितरण शुरू किया। कुछ महीनों तक स्थिति सामान्य रही। दाल, सब्जी, अंडा तथा फल के एवज में प्रतिपूर्ति भत्ता के तौर पर नकद राशि देने का प्रावधान किया था। जिसके तहत सितंबर 2020 तक प्रतिपूर्ति भत्ता की नकद राशि बच्चों को दी गई।

भोजन की थाली से दाल, सब्जी, अंडा और फल गायब हो गए

खबर है क‍ि अक्टूबर से इस मद में आवंटन बंद है। लिहाजा उनकी दोपहर के भोजन की थाली से दाल, सब्जी, अंडा और फल गायब हो गए हैं। अब जिले के 1515 विद्यालयों के 1,27,308 बच्चों को मध्याह्न भोजन के रूप में सिर्फ चावल परोसा जा रहा है। प्रतिपूर्ति भत्ता (कुक‍िंंग कॉस्ट) के रूप में कक्षा एक से पांच वर्ग तक प्रत्येक छात्र को हर शैक्षणिक दिवस को 4.97 रुपये देने का प्रावधान है। उसके तहत उन्हें सप्ताह में दो दिन अंडा एवं फल के लिए 12 रुपये देने का भी प्रावधान है। इसी प्रकार कक्षा छह से आठ वर्ग तक प्रत्येक शैक्षणिक दिवस को प्रति छात्र 7.45 रुपये और अंडा व फल के लिए 12 रुपये देना है। कुल मिलाकर इस जिले को प्रत्येक माह प्रतिपूर्ति भत्ता मद में करीब 4.5 करोड़ रुपये का आवंटन मिलता है। इस प्रकार पांच महीने से करीब 22.50 करोड़ रुपये का आवंटन लंबित है।

क‍िस कक्षा के छात्र को क‍ितनी मात्रा में म‍िलती है सामग्री

एक महीना का कुक‍िंंग कॉस्ट बच्चों को दिया जाता है। जिसके तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए करीब पांच सौ ग्राम चना दाल, दो सौ ग्राम सरसों तेल, एक किलो ढाई सौ ग्राम आलू और 250 ग्राम नमक और कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के पैकेट में करीब साढे सौ ग्राम चना दाल, दो सौ ग्राम सरसों तेल, दो किलो आलू और 500 ग्राम नमक की राशि का पैसा दिया जाता है। कक्षा से एक से पांच तक के प्रत्येक बच्चा पर 4.97 रुपये और कक्षा से छह से आठ तक के प्रति बच्चा 7.45 रुपये दिए जाते हैं। एक महीना में औसतन पचीस दिनों का शैक्षणिक दिवस होता है।

ज‍िला श‍िक्षा अधीक्षक ने कहा- नहीं म‍िल रहा आवंटन

चतरा ज‍िले के जिला शिक्षा अधीक्षक जितेंद्र कुमार सिन्हा ने दैन‍िक जागरण से बातचीत में कहा क‍ि आवंटन नहीं मिल रहा है। परिणामस्वरूप सितंबर 2020 के बाद से प्रतिपूर्ति भत्ता की राशि बच्चों को नहीं मिल रही है। सूखा राशन के रूप में सिर्फ चावल दिया जा रहा है। आवंटन जल्द आने की उम्मीद है।

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