HAPPY Basant Panchami 2021: जपें ये खास मंत्र, जो मांगेंगे सब देगी मां सरस्‍वती; सर्वाथ अमृत सिद्धि योग में करें ध्‍यान

Happy Saraswati Puja 2021 Happy Basant Panchami 2021 आज देशभर में विद्या-बुद्धि की अधिष्‍ठात्री देवी मां सरस्‍वती की पूजा हो रही है। माघ मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को मां निष्‍ठा से हर घर में पूजी जाती हैं। इस दिन मां सरस्वती का धरती पर अवतरण हुआ।

Alok ShahiTue, 16 Feb 2021 03:22 AM (IST)
Happy Saraswati Puja, Happy Basant Panchami 2021: आज सर्वाथ अमृत सिद्धि योग में मां सरस्‍वती को प्रसन्‍न करें।

Happy Saraswati Puja 2021, Happy Basant Panchami 2021 रांची, जासं। आज जो मांगेंगे सब देगी मां सरस्‍वती, सर्वाथ अमृत सिद्धि योग में विधि-विधान से पूजा करने का फल जरूर मिलेगा। देशभर में उत्‍साह से मनाए जा रहे वसंत पंचमी के दिन विद्या-बुद्धि की अधिष्‍ठात्री देवी मां सरस्‍वती की पूरी श्रद्धा-निष्‍ठा से पूजा हो रही है। माघ मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को वसंत पंचमी के दिन मां सरस्‍वती अराध्‍य भाव से हर घर में पूजी जाती हैं। इस दिन मां सरस्वती का धरती पर अवतरण हुआ।

या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।।

माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी की पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म के अनुसार इस दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। ज्योतिषाचार्य पं अजित मिश्रा बताते हैं कि मां सरस्वती की पूजा हर व्यक्ति को करनी चाहिए। मां की कृपा से भक्त को विद्या, बुद्धि और कला का वरदान की प्राप्ति होती है। वसंत पंचमी के दिन भक्त को प्रातः काल में उठकर घर तथा पूजा के स्थान की पूरी सफाई करनी चाहिए। इसके बाद स्नान करके सफेद या पीले वस्त्र धारण करना चाहिए।

इसके बाद मां की प्रतिमा या फोटो को पूजा के स्थान पर स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश और नवग्रह की पूजा करें। इसके बाद मां सरस्वती की पूजा करें। मां को पहले गंगा जल से स्नान कराएं। इसके बाद पीले फूल, दीप, धूप, पीला गुलाल, गंघ आदि अर्पित करें। मां सरस्वती को पीले फूल या सफेद फूलों की माला अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद मां को श्रृंगार सामग्री भी भेंट और सफेद रंग का वस्त्र चढ़ाएं। मां को भोग में खीर, मालपुआ या सफेद रंग की मिठाई अर्पित करें। इसके बाद जप और सरस्वती वंदना करें।

सर्वाथ अमृत सिद्धि योग करें मां को प्रसन्न

पं अजित मिश्रा बताते हैं कि इस वसंत पंचमी पर दो खास योग बन रहे हैं। इससे पंचमी का महत्व कई गुणा बढ़ गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन रवि योग और सर्वाथ अमृत सिद्धि योग बना रहा है। पंचमी को रवि योग पूरे दिन रहेगा। वहीं सर्वाथ अमृत सिद्धि योग रांची के समय के अनुसार रात 8.18 बजे से लेकर सुबह 4.44 बजे तक ये शुभ और अतिदुर्लभ संयोग बना रहा है। ऐसे लोग जिनकी पढ़ाई में बाधा है, जिनका बुद्धि या कला विकसित नहीं है वो इस काल में मां को प्रसन्न करने के लिए बीज मंत्र ओम एं नमः का जाप कर सकते हैं।

सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य पं अजित मिश्रा बताते हैं कि बसंत पंचमी 16 फरवरी को सुबह लगभग तीन बजे से शुरू हो जाएगी जो 17 फरवरी की सुबह 4.44 बजे तक रहेगी। इस दौरान नियम निष्ठापूर्वक माता की आराधना करनी चाहिए। प्रात: काल 5 बजे से संध्या 4.34 बजे तक पूजा के लिए उत्तम समय है। पंचमी को अभिजीत मुहूर्त 11.10 बजे से दोपहर 1.07 बजे तक है। छोटे बच्चे जो विद्यारंभ करने वाले हैं उनके लिए सुबह 09.28 बजे से 1.03 बजे का समय विशेष शुभ है।

कड़ी सुरक्षा के बीच मनेगी वसंत पंचमी

सरस्वती पूजा 2021 के अवसर पर विधि व्यवस्था-शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त आदेश जारी किया है।दिनांक 17 से 19 फरवरी तक प्रतिमा विसर्जन-शांतिपूर्ण समाप्ति तक विधि व्यवस्था संधारण हेतु पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति विभिन्न स्थानों पर की गई है।

प्रतिमा विसर्जन-शांतिपूर्ण समाप्ति तक विधि व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिले के विभिन्न थाना-ओपी क्षेत्र में पुलिस पदाधिकारियों एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। 22 विभिन्न थाना-ओपी क्षेत्र में दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इन सभी को सुबह नौ बजे तक निश्चित रूप से अपनी प्रतिनियुक्ति स्थान पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है।

चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती

सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल को कोविड-19 के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर रांची शहर के विभिन्न क्षेत्रों की शोभा यात्राओं के मार्ग रक्षण, विधि व्यवस्था संधारण हेतु जुलूस एस्कॉर्ट दलों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी-पुलिस पदाधिकारी को गश्ती करते हुए विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रतिमा का विसर्जन करवाना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

संयुक्तादेश में संबंधित थाना प्रभारी को मूर्ति विसर्जन के दौरान गश्ती दल के साथ उपस्थित होकर प्रतिमा विसर्जन दलों को स्कॉर्ट करते हुए विधि व्यवस्था बनाए रखने हेतु निर्देश दिया गया है।अंचल अधिकारी को अपने-अपने अंचलों के थाना प्रभारियों से लगातार संपर्क में रहते हुए प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में गतिशील रहकर विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सघन गश्ती करने तथा प्राप्त सूचना पर अपनी वरीय प्रभारी को सूचना देते हुए आवश्यकता अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश भी संयुक्त आदेश में दिया गया है। एसडीओ सदर एवं एसडीओ बुंडू तथा पुलिस अधीक्षक नगर एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अपने-अपने क्षेत्रों में विधि व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहेंगे।

सरस्वती पूजा को ले बाजार गुलजार

सरस्वती पूजा को लेकर सोमवार को बाजार गुलजार रही। मां की आराधना के लिए सजाने के सामान से लेकर फल और फूल की जमकर बिक्री हुई है। जगह-जगह दुकानदार सड़क के किनारे पूजा का सामान बेचते हुए नजर आए। वहीं अपर बाजार के कपड़ा व्यापारी ने बताया कि वसंत पंचमी को लेकर पीले कपड़ों की मांग काफी बेहतर रही है। साड़ी के साथ सूट, टी शर्ट और शर्ट की बिक्री पिछले वर्ष से 20 प्रतिशत तक ज्यादा रही। वहीं पूजा के साथ शुरू हो रहे लगन का असर भी कपड़ा बाजार में देखने को मिला।

फल और फूल की जमकर हुई बिक्री

मां की पूजा के लिए सोमवार की देर रात तक लोगों ने फल और फूल की खरीदारी की। कोकर बाजार के दुकानदार मनोज कुमार ने बताया कि मां की पूजा को लेकर बाजार अच्छा रहा। वहीं फल मंडी में सेब, गाजर, बेर और शकरकंद की मांग काफी रही। डेली मार्केट के फल व्यापारी मो. अनस ने बताया कि पूजा को देखते हुए मंडी में पहले से स्टाक में फल मंगवा लिया गया था। इसके साथ ही पीले और सफेल फूल और माला की भी जमकर बिक्री हुई। इसके साथ ही कमल के फूल की भी मांग रही।

बाजार का भाव

केलाः 50 सेबः 120 बैरः 80 संतराः 40 अंगूरः 100 गाजरः 40 शकरकंदः 50 मिश्रीकंदः 80 बुनदियाः 140 रसगुल्लाः 10(पीस) लड्डूः 150 फूल पीला गेंदा मालाः 40 सफेद फूल मालाः 40 छोटा गेंदा मालाः 20 कमल फूलः 30

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