तनाव से बचने के लिए योग का लें सहारा

तनाव से बचने के लिए योग का लें सहारा

रांची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा अवसाद व आत्महत्या विषय पर आधारित एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया।

Publish Date:Sun, 05 Jul 2020 01:55 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, रांची : रांची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा अवसाद व आत्महत्या विषय पर आधारित एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कुलपति डॉ. रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण समाज के सभी क्षेत्रों के व्यक्तियों में मानसिक अवसाद, तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन जैसी कई तरह की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा की ऐसी विषम परिस्थिति में खुद को नियंत्रित कर, योग, व्यायाम से खुद को व्यस्त रखकर अवसाद एवं आत्महत्या की प्रवृति से बचा जा सकता है।

प्रति कुलपति डॉ. कामिनी कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के कारण छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा तथा नामांकन में विलंब आदि अवसाद को बढ़ाने का मुख्य कारण बन रहा है। मन में कई प्रकार के नकारात्मक ख्याल आता है। इससे बचने के लिए परिवार के लोगों का साथ चाहिए। उन्होंने कहा कि रचनात्मक कार्यों में सक्रिय रहकर सकारात्मक सोच के आधार पर आगे बढ़ने से मानसिक अवसाद से बचा जा सकता है। एसपी कॉलेज दुमका के मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के निदेशक डॉ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान युवाओं में बढ़ती आत्महत्या का कारण उसमें गहराता विषाद है। आर्थिक मंदी, बढ़ता कर्ज भार, अपेक्षित सामाजिक सहयोग की कमी आदि बातें उन्हें हर तरह से विषादग्रस्त बना रहा है। मनोचिकित्सक डॉ. निशांत विभाष ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से लोगों के अंदर अवसाद बढ़ा है। मन में किसी तरह की नकारात्मक भावना नहीं आने दें। हमेशा खुश रहने का उपाय करें। वेबिनार को डीएसडब्ल्यू डॉ. पीके वर्मा, कुलसचिव डॉ. अमर कुमार चौधरी, डॉ. गीता सिंह, डॉ. भारती द्विवेदी, डॉ. प्रिया पांडेय, डॉ. कुमारी उर्वशी, डॉ. रीता कुमारी सहित अन्य ने संबोधित किया।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.