नन बैंकिंग कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 19 लड़कियों की ट्रैफिकिंग, 1 महीने तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा

नन बैंकिंग कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 19 लड़कियों की ट्रैफिकिंग। जागरण

रांची में एक नन बैंकिंग कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर छह नाबालिग सहित 19 लड़कियों की ट्रैफिकिंग की गई है। लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर बोकारो गुमला पलामू सहित अन्य इलाकों से नन बैंकिंग कंपनी में काम करवाने के नाम पर ट्रैफिकिंग कर रांची लाया गया।

Vikram GiriFri, 26 Feb 2021 08:50 AM (IST)

रांची, जासं । रांची में एक नन बैंकिंग कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर छह नाबालिग सहित 19 लड़कियों की ट्रैफिकिंग की गई है। लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर बोकारो, गुमला, पलामू सहित अन्य इलाकों से नन बैंकिंग कंपनी में काम करवाने के नाम पर ट्रैफिकिंग कर रांची लाया गया। इसके बाद पुंदाग स्थित एक घर में अल्ट्रा वर्ल्ड इंटरनेशल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में काम करने के नाम पर रखा गया है। वहां सभी को बंधक बनाकर रखा जाता था। किसी को भी निकलने नहीं दिया जा रहा था।

इस तरह सभी को एक महीने तक बंधक बनाकर काम करवाया गया। एक महीने पूरे होने के बाद न उन्हें निकलने दिया गया, न ही वेतन दिया गया। इसके बाद लड़कियों ने भाजपा नेता सह हिंदू राष्ट्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार मिनोचा से संपर्क की। इसके बाद संजय मिनोचा मौके पर पहुंचे और लड़कियों को पुंदाग ओपी लेकर पहुंचे। वहां कंपनी में काम करने वाले अविनाश कुमार नाम के आरोपित को पुलिस के हवाले किया। फिलहाल आरोपित से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुंदाग ओपी प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

झूठ बोलकर लाया गया रांची

पीड़ित लड़कियों के अनुसार हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के अंचलजामु निवासी अविनाश कुमार ने नन बैंकिंग कंपनी में काम दिलाने की बात कह पुंदाग स्थित अल्ट्रा वर्ल्ड इंटरनेशल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में लाया गया था। जहां नौकरी दिलाने के नाम पर सभी से पांच-पांच हजार रुपये भी लिया गया। इसके बाद करीब एक महीने तक प्रतिमाह नौ हजार रुपये के वेतन पर काम करवाया गया। सभी को बंधक बनाकर एक कमरे में रखा जा रहा था। इसके बाद किसी को वेतन नहीं दिया गया।

कॉल कर झांसे में लेने की दी गई थी जिम्मेवारी

भाजपा नेता सह हिंदू राष्ट्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार मिनोचा के अनुसार उन्हें बताया गया है कि सभी लड़कियों को एक मोबाइल फोन से संबंधित डेटा दिया गया था। उन नंबरों पर संपर्क कर कंपनी मं जुड़ने के लिए झांसा देने की जिम्मेवारी दी गई थी। लड़कियों की ओर से विरोध के बावजूद जबरन यही काम करवाया जाता था। इसके अलावा सभी से कहा जाता था कि ट्रेनिंग पूरा करने के बाद दूसरे राज्य भेजा जाएगा। लड़कियां डरी-सहमी थी।

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