कुष्ठ रोगियों की जिदगी में फिर आएगी बहार

अब कुष्ठ रोगी भी समाज में समान अधिकार के साथ आगे बढ़ सकेंगे।

JagranPublish:Wed, 24 Nov 2021 07:04 AM (IST) Updated:Wed, 24 Nov 2021 07:04 AM (IST)
कुष्ठ रोगियों की जिदगी में फिर आएगी बहार
कुष्ठ रोगियों की जिदगी में फिर आएगी बहार

जासं, रांची : अब कुष्ठ रोगी भी समाज में समान अधिकार के साथ आगे बढ़ सकेंगे। जो रोग उनके विकास में बाधक बना था, जिस रोग की वजह से समाज उन्हें बहिष्कार किए हुए था वो अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकेंगे। इन्हें इनका हक दिलाने व उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए उनके रोग को जड़ से खत्म करने की पहल शुरू कर दी गई है। जो कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांगता की सीढ़ी पर चढ़ चुके हैं, उन्हें उनका पहले का सम्मान लौटाने की पहल शुरू कर दी गई है। राजधानी स्थित सदर अस्पताल में पहली बार कुष्ठ रोगियों की विकलांगता खत्म करने के लिए उनके विकृत हुए हाथ-पैर सहित अन्य अंगों को ठीक (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) किया जा रहा है। 20 से 22 नवंबर तक राज्य के विभिन्न जिलों से कुष्ठ रोगियों की स्क्रीनिग की गई, जिसमें से 18 रोगियों की पहचान की गई जिनकी सर्जरी की जाएगी। इन सभी की सर्जरी राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया। राज्य से 200 कुष्ठ रागियों को बनाना है आत्मनिर्भर : यह उन्मूलन कार्यक्रम 27 नवंबर तक चलेगा जिसमें 200 लोगों की सर्जरी कर कुष्ठ से हुए विकार को ठीक किया जाएगा। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुष्ठ रोगियों से हमदर्दी करने की जरूरत है ना कि उससे दूरी बनाने की। इस सर्जरी के लिए रायपुर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के डा कृष्ण मोहन कामले व उनकी टीम को बुलाया गया है। कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पूरे राज्य से 200 ऐसे कुछ रोगी हो की सर्जरी कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कुष्ठ रोग को आज भी अस्पतालों में अलग से देखने की व्यवस्था की जाती है। जो गलत है इन रोगियों को भी समान रोगियों की तरह ओपीडी में देखने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि उन्हें समाज से अलग होने का एहसास ना हो। उन्होंने सिविल सर्जन और डाक्टरों की टीम को इस कार्य की शुरुआत करने के लिए बधाई दी और कहा कि इस तरह के कार्य से कुष्ठ रोगियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन से जुड़ेंगे और लाभ उठाएंगे। पहले दिन 8 रोगियों का ऑपरेशन किया गया : पहले दिन मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों से चिह्नित किए गए रोगियों में से आठ रोगियों की सर्जरी की जाएगी। इस सर्जरी में मुख्य सर्जन रायपुर के डाक्टर कामले होंगे। इस पूरे आयोजन में डब्ल्यूएचओ की टीम भी साथ दे रही है इन टीम में डा मनोज, डाक्टर अभिषेक और डाक्टर गाबिश शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डाक्टर विनोद कुमार, डा विमलेश सिंह, डाक्टर मंडल सहित अन्य डाक्टर शामिल थे।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री से सदर की अनुबंध पर कार्यरत नर्स मिलने पहुंची। नर्सों ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा और कहा कि वे 15 वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत हैं लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया। नर्स वीणा कुमारी ने बताया कि कई बार उन्होंने अपनी मांगे रखी, लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को लेकर पहल की जा रही है। जल्द ही सभी चीजें ठीक हो जाएगी।