Jharkhand MNREGA: उन्नति परियोजना से मनरेगा श्रमिकों का हो रहा कौशल विकास

Jharkhand MNREGA केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में संचालित ‘उन्नति’ परियोजना से मनरेगा श्रमिकों का कौशल विकास हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के तहत 1111 मनरेगा श्रमिकों के कौशल उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है जिनमें 818 श्रमिकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।

Kanchan SinghPublish:Wed, 01 Dec 2021 08:09 AM (IST) Updated:Wed, 01 Dec 2021 08:09 AM (IST)
Jharkhand MNREGA:  उन्नति परियोजना से मनरेगा श्रमिकों का हो रहा कौशल विकास
Jharkhand MNREGA: उन्नति परियोजना से मनरेगा श्रमिकों का हो रहा कौशल विकास

रांची, जासं।  केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में संचालित ‘उन्नति’ परियोजना से मनरेगा श्रमिकों का कौशल विकास हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के तहत 1,111 मनरेगा श्रमिकों के कौशल उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें 818 श्रमिकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को उन्नति परियोजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समय पर सभी कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। ‘उन्नति’ परियोजना के तहत अधिकतम 45 वर्ष तक की उम्र के मनरेगा श्रमिकों का कौशल विकास किया जाना है, जिससे वे अपनी आय का स्थायी साधन प्राप्त कर सकें।

मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का कार्य पूरा कर चुके परिवारों के लक्षित श्रमिकों के कौशल उन्नयन का कार्य विभिन्न जिलों में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से किया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनीष रंजन के अनुसार, उन्नति परियोजना के तहत मनरेगा श्रमिकों का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। मनरेगा श्रमिकों को जीविकोपार्जन के लिए दिक्कत न हो इसके लिए रोजगार सृजन से संबंधित सभी कार्य प्रतिबद्धता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए हैं।

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन में सीटों की बाध्यता नहीं

 राज्य के सरकारी माध्यमिक व प्लस टू स्कूलाें में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन में सीटों की बाध्यता नहीं होगी। पूर्व में स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम के एक ट्रेड में 40 छात्र-छात्राओं का ही नामांकन होता था। अब स्कूल अधिक सीटों पर भी नामांकन ले सकते हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सीटों को लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा मांगे गए गए दिशा-निर्देश के आलोक में यह जानकारी दी है। बता दें कि राज्य के माध्यमिक तथा प्लस टू स्कूलों में 11 ट्रेड में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है। इन स्कूलों में इसी आधार पर अभी छात्र-छात्राओं के नामांकन के साथ-साथ नौवीं और 11वीं का निबंधन हो रहा है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई छठे विषय के रूप में विकल्प या अतिरिक्त विषय के रूप में होती है। ----