सरसंघचालक मोहन भागवत ने शाखाओं की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर

सरसंघचालक मोहन भागवत ने शाखाओं की संख्या बढ़ाने पर दिया जोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की पूर्व क्षेत्र की बैठक बुधवार से शुरू हो गई। इसमें संघ प्रमुख ने शाखाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया.

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 04:29 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, रांची : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की पूर्व क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक बुधवार को भुवनेश्वर में प्रारंभ हो गई। बैठक के पहले दिन सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने शाखाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। कहा, कोरोना संक्रमण के कारण मैदानों व पार्को में लगने वाली शाखाएं बंद थीं। जहां स्थिति अब अनुकूल है वहां शाखाएं लगाई जा सकती हैं। इसकी संख्या और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कोरोना संक्रमण के कारण लाकडाउन के समय स्वयंसेवकों के साथ-साथ अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से पूर्व क्षेत्र में किए गए सेवा कार्यो की सराहना की। इस बैठक में सरकार्यवाह भय्याजी जोशी, सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य व वी भागय्या, पूर्व क्षेत्र संघचालक अजय नंदी, क्षेत्र कार्यवाह गोपाल महापात्रा, क्षेत्र प्रचारक प्रदीप जोशी सहित ओडिशा, बंगाल, सिक्किम व अंडमान निकोबार प्रांत के प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह व प्रांत प्रचारक एवं उनके सहयोगी भाग ले रहे हैं। बैठक भुवनेश्वर के तेरापंथ भवन में चल रही है।

संघ सूत्रों के अनुसार बैठक के पहले दिन चारों प्रांतों में चल रहे संघ कार्यो की जानकारी संबंधित अधिकारियों ने दी। इनमें सभी प्रांतों में लगने वाली शाखाओं की संख्या, संघ परिवार की ओर से चल रहे सेवा कार्य, स्वयंसेवकों की संख्या, लाकडाउन के समय किए गए सेवा कार्य, बंगाल में आए तूफान के दौरान किए गए सेवा कार्य आदि की जानकारी दी गई। चार सत्रों में चली बैठक में सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने पर्यावरण संरक्षण एवं गो संव‌र्द्धन के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि इस विषय पर जोर देने की जरूरत है। ग्राम विकास के मुद्दे पर भी चर्चा करते हुए कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो गांवों के विकास पर हमें जोर देना होगा। गांवों में जो पारंपरिक तकनीक पहले थी, उसे फिर से विकसित करते हुए आगे बढ़ाना होगा। जैविक खेती पर हमें जोर देना होगा। आज समय की मांग है कि जैविक खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए।

बैठक गुरुवार की रात्रि सात बजे तक चलेगी। सूत्रों के अनुसार संघ का चुनाव वर्ष होने के कारण बैठक में चारों प्रांतों में चल रहे चुनाव पर भी चर्चा हो सकती है।

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