RSS: संघ साहित्य अब आडियो वर्जन में एप पर उपलब्ध

RSS संघ साहित्य अब आडियो वर्जन में एप पर उपलब्ध है। एप पर 17 पुस्तकें अभी हैं उपलब्ध हैं। पुस्तकों की रिकार्डिंग का लगातार काम चल रहा है। भारत के साथ-साथ अमेरिका कनाडा यूएई सिंगापुर सहित कई देशों में लोग इस एप को लोग पसंद कर रहे हैं।

Kanchan SinghThu, 25 Nov 2021 09:44 PM (IST)
संघ साहित्य अब आडियो वर्जन में एप पर उपलब्ध है।

रांची {संजय कुमार}। समय और परिस्थिति के अनुसार पिछले 96 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खुद को अपडेट करता रहा है। संवाद स्थापित करने के लिए चाहे वह इंटरनेट मीडिया के माध्यम ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि का उपयोग करना हो या कोरोना संक्रमण काल में आनलाइन बैठकें करनी हो। इसी कड़ी में अब संघ साहित्य का ओडियो वर्जन लोगों के सामने आया है। आडियो कुंभ (Audio Kumbh) एप पर ये पुस्तकें उपलब्ध हैं। उत्तर पूर्व (झारखंड-बिहार) के सह क्षेत्र प्रचारक रामकुमार के निर्देशन में इस एप पर लगातार काम चल रहा है। एप पर वर्तमान सरसंघचालक मोहन भागवत की सामाजिक समरसता, द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी की पुस्तक में साधारण स्वयंसेवक व पांचवें सरसंघचालक के एस सुदर्शन की पाकिस्तान के निर्माण की व्यथा-कथा सहित अभी 17 पुस्तकें उपलब्ध हैं।

यह एप गूगल प्ले स्टोर से कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है। वर्तमान सरसंघचालक डा. मोहन भागवत की पुस्तक सामाजिक समरसता में आवाज तो उन्हीं की है, परंतु पहले की जो पुस्तकें हैं उसमें आवाज दूसरे लोगों की हैं। संघ के एक अधिकारी के अनुसार आज लोग मल्टीटास्किंग करते हैं, उनके पास समय का अभाव है। कोई आडियो लगा लिया और इसके साथ वह दूसरा काम कर रहा है। खासकर युवाओं में यह प्रवृत्ति ज्यादा दिख रही है। इन्हें ही लक्षित कर यह आडियो एप लाया गया है। इस एप को भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूएई, कनाडा व सिंगापुर सहित कई देशों में रहने वाले स्वयंसेवक काफी पसंद कर रहे हैं।

तीन स्वयंसेवक इस एप पर कर रहे हैं काम : आडियो कुंभ एप पर उत्तर पूर्व के सह क्षेत्र प्रचारक राम कुमार के निर्देशन में मुजफ्फरपुर के तीन स्वयंसेवक जो संघ के विस्तारक भी रहे हैं, इस पर काम कर रहे हैं। ये हैं उत्तम कुमार, सुभाष चौधरी और रुपेश। इस एप के बारे में राम कुमार का कहना है कि प्रवास के दौरान पाया कि यात्रा के दौरान पढऩा तो चाहता हूं लेकिन पढ़ नहीं पाता हूं। उसी समय मेरे मन में विचार आया कि यदि एप पर आडियो में संघ साहित्य उपलब्ध हो जाए तो लाखों लोग इसे यात्रा के दौरान भी सुन सकेंगे। उससे समय का सदुपयोग होगा। उसके बाद इस पर काम शुरू हुआ।

हिंदी के साथ-साथ सात अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध होंगी पुस्तकें : इस एप पर काम कर रहे उत्तम कुमार का कहना है कि हिंदी वर्जन पर काम हो गया है। इसके साथ-साथ अभी सात दूसरी भाषाओं में भी काम चल रहा है। कई लोगों ने इसमें अपनी आवाज दी है। पहले उनका ट्रायल होता है फिर पुस्तकों को रिकार्डिंग कर मंगवाया जाता है। उसके बाद एडिट कर एप पर डाला जाता है। 100 से 150 पेज की पुस्तकों की रिकार्डिंग में 10 से 15 दिन लग जाता है। इसके लिए रिकार्डिंग करने वाले कोई शुल्क नहीं लेते हैं।

एक किताब को सुनने में करीब एक घंटा का समय लगता है, जो कुछ मिनटों के भाग में बंटा हुआ है। इसमें रांची की शारदा झा, जमशेदपुर की श्रद्धा अग्रवाल, गुजरात के बालाजी राजे, मुजफ्फरपुर के शंशाक व संजीव सिंह, यूएई के योगेश्वर, पुणे के कमल कोठारी, बेंगलुरु के हेमंत, नासिक के अनिरुद्ध तेलंग व सोनाली तेलंग, उज्जैन के सौैरभ व छपरा की मिली ने आवाज देने का काम किया है। सभी लोग संघ परिवार से जुड़े हैं।

एप पर उपलब्ध प्रमुख पुस्तकें :

पाकिस्तान के निर्माण की व्यथा-कथा : के एस सुदर्शन

संघ उत्सव : बाला साहब देवरस

एकात्म मानववाद : पंडित दीन दयाल उपाध्याय

लक्ष्य और कार्य : बाला साहब देवरस

श्री गुरुजी एक अनोखा नेतृत्व : मा गो वैद्य

संघ कार्यपद्धति का विकास

राष्ट्रीय स्वयंसेवक और समाज वाद : प्रभाकर

अखंड भारत : डा. सदानंद दामोदर सप्रे

सुमंगलम : डा. बजरंग लाल गुप्त

ध्येय दृष्टि : श्री गुरुजी

संघ कार्यकर्ता : सुरेश जी केतकर

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