आरएसएस की पांच एवं छह दिसंबर को पटना में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की उत्तर-पूर्व क्षेत्र की बैठक

आरएसएस की पांच एवं छह दिसंबर को पटना में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की उत्तर-पूर्व क्षेत्र की बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की उत्तर पूर्व क्षेत्र की बैठक पांच एवं छह दिसंबर को पटना में होगी। इसमें भाग लेने के लिए संघ प्रमुख चार दिसंबर को ही पटना पहुंच जाएंगे।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 05:15 AM (IST) Author: Jagran

राची, संजय कुमार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की उत्तर पूर्व क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक पटना में होगी। पाच और छह दिसंबर को केशव विद्या मंदिर में होने वाली इस बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत, सरकार्यवाह भय्याजी जोशी, सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, क्षेत्र प्रचारक रामदत्त चक्रधर सहित उत्तर पूर्व क्षेत्र, झारखंड और बिहार के प्रात टोली के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में आदिवासी समाज के एक वर्ग द्वारा जनगणना में अलग सरना धर्म कोड की जो माग की जा रही है, उस पर चर्चा हो सकती है। संघ का मानना है सभी आदिवासी हिंदू हैं। इसमें किंतु परंतु की बात ही नहीं है।

पिछले दिनों भोपाल में हुई आरएसएस और विहिप की बैठक में भी संघ प्रमुख ने कहा था कि कुछ लोग आदिवासी समाज के लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। इसलिए जनजाति समाज के लोगों को यह बताने की जरूरत है कि आप हिंदुओं से अलग नहीं हैं। उनके दुख-सुख में साथ रहने की जरूरत है। चार दिसंबर को पटना पहुंच जाएंगे संघ प्रमुख : संघ सूत्रों के अनुसार झारखंड एवं बिहार के पदाधिकारियों के साथ बैठक में भाग लेने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत चार दिसंबर को ही पटना पहुंच जाएंगे। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार दीपावली से पूर्व होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक स्थगित होने के कारण संघ ने सभी क्षेत्रों में बैठक करने का निर्णय लिया। उसी के तहत यह बैठकें चल रही हैं। पटना में होने वाली बैठक में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, सामाजिक सदभाव, गो संवर्धन, जैविक खेती, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन आदि विषयों पर चर्चा होगी। पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समरसता को लेकर संघ काफी सक्रिय है। इसके साथ ही संघ का चुनावी वर्ष होने के कारण इस बैठक में तीनों प्रांतों के अधिकारियों के कार्यो की भी समीक्षा हो सकती है।

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