रांची आरपीएफ ने तीन माह में 24 लड़कियों को पकड़ा, बहकते कदम कहीं कर न देते बर्बाद...

Jharkhand News Ranchi RPF Hindi Samachar आरपीएफ घर से भागी लड़कियों को सही रास्ता दिखा रही है। उनके बहकते कदम को रोककर दलदल में फंसने से रोक रही है। लड़कियां घर से भागकर मानव तस्‍करों के जाल में फंस जाती है।

Sujeet Kumar SumanWed, 04 Aug 2021 07:59 PM (IST)
Jharkhand News, Ranchi RPF, Hindi Samachar आरपीएफ घर से भागी लड़कियों को सही रास्ता दिखा रही है।

रांची, जासं। रेलवे सुरक्षा बल यानि आरपीएफ की रांची टीम ने पिछले तीन माह में 24 लड़कियों को पकड़ा है। ये सभी लड़कियों किसी वजह से अपने घर से भाग गई थी। इससे इन्‍कार नहीं किया जा सकता कि लड़कियों के ये बहकते कदम उन्‍हें बर्बादी के रास्‍ते पर नहीं ले जाते। पिछले दिनों रांची रेलवे स्टेशन पर रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में एक लड़की और एक लड़के को चढ़ने के दौरान ही पकड़ लिया गया। लड़की बिना बताए घर से भागकर पटना जा रही थी। घटना 29 जुलाई की है। लड़की की चचेरी बहन ने इसकी जानकारी आरपीएफ को दी और ट्रेन के खुलने से पहले उसे पटना जाने से रोक लिया गया। इस तरह के 24 मामले सिर्फ तीन महीने में आ चुके हैं। इसमें लड़कियां लड़कों के बहकावे में आकर घर छोड़कर भाग रही थीं।

इसमें 20 मामलों में नाबालिग ही थी। लड़कियां इमोशनल ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही थी। इसके कारण वे अपने माता-पिता को भी छोड़कर घर से भागने को तैयार थी। इस पर आरपीएफ की मेरी सहेली और नन्हें फरिश्ते की टीम ने पकड़कर ब्रेक लगाया। रेस्क्यू की गई लड़कियों की मेरी सहेली टीम के द्वारा काउंसलिंग की जाती है और उन्हें समझाया जाता है। ऐसे मामलों की संख्या 30 प्रतिशत के करीब है। यहां दो से तीन दिनों में ऐसा एक मामला अक्सर स्टेशन पर देखने को मिलता है। नासमझ उम्र में प्यार के जाल में फंसकर लड़कियां भविष्य की चिंता किए बिना ऐसा कदम उठा लेती हैं।

बहुत सारे मामलों में लड़कियों के साथ शारीरिक शोषण या उससे उपजी कुंठा में आत्‍महत्या करना या बेच दिए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। झारखंड में गरीबी और अशिक्षा बड़ी वजह है। इस कारण मानव तस्करों ने भी झारखंड को बड़ा सेंटर बना दिया है। आरपीएफ ने इन घटनाओं में लड़कियों को समय रहते पकड़कर उन्‍हें बचाया है। इसके अलावा आरपीएफ बिछड़ों को भी मिलाने का काम करती है। आरपीएफ टीम घर से भागी नाबालिग लड़कियों और गुमशुदा हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का काम कर रही है।

'बीते तीन महीने में दो दर्जन मामलों में लड़कियां बिना बताए घर से भागी हैं। इसे आरपीएफ द्वारा बचाने का काम किया गया है। लड़की किसी के बहकावे पर घर छोड़ देती है। बाद में उन्हें सूचना मिलती है कि लड़की भागकर स्टेशन पहुंची है। इसे सीसीटीवी के माध्यम से रेस्क्यू किया जाता है। कई मामलों में आरपीएफ राउंड के दौरान संदेह के आधार पर रेस्क्यू करती है।' -प्रशांत यादव, आरपीएफ कमांडेंट, रांची रेल मंडल।

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