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कोरोना में भी रांची विवि दे रहा गुणवत्तायुक्त शिक्षा

जागरण संवाददाता, रांची : रांची विवि के कुलपति प्रो. रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि रांची विवि के सामने जब भी चुनौतियां आई है उसका डटकर मुकाबला किया है। हमने अपने छात्रों को भी यही सिखाया है। यही कारण है कि रांची विवि बीते 60 वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहा है। कोरोना महामारी में चुनौती बढ़ गई है। लेकिन हमने इस दौरान 40 विषयों की परीक्षा का रिजल्ट जारी किया। इंड सेमेस्टर की परीक्षा की भी तैयारी कर लिया है। वे रविवार को रांची विवि के स्थापना दिवस के मौके पर रेडियो खांची पर इंटरव्यू में बोल रहे थे। कोरोना को देखते हुए इस बार विवि स्थापना दिवस को लेकर रेडियो खांची पर ही कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वीसी ने कहा कि हम 1960 के ऑफलाइन युग से निकलकर ऑनलाइन युग में प्रवेश कर चुके हैं। कर्मचारियों की कमी के साथ कोरोना में काम करना बड़ी चुनौती

प्रो. रमेश पांडेय ने कहा हम अपने कार्यकाल में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ की पढ़ाई, योग विभाग में पीजी एवं पीजी डिप्लोमा कोर्स, फाइन आर्ट विभाग की स्थापना, फैशन टेक्नोलॉजी, करियर काउंसिलिग एवं गाइडेंस की पढ़ाई शुरू कराने के साथ ही रांची विवि की बहुप्रतीक्षित योजना रेडियो खांची का प्रसारण शुरू कराया। विवि ने ग्रास एनरालमेंट रेशियो को दोगुणा किया। वीसी ने कहा कि विवि में शिक्षक सेवानिवृत हो रहे हैं। नई नियुक्ति नहीं होने कारण शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती है। कर्मचारियों की कमी के साथ कोविड-19 में ऑनलाइन पढ़ाई, नामांकन, परीक्षा कराना बड़ी चुनौती है। 1960 में हुई थी स्थापना

रांची विवि की स्थापना 12 जुलाई 1960 को बिहार विवि के अंग के रुप में हुई थी। वर्तमान में विवि के अंतर्गत 14 अंगीभूत कॉलेज, 57 एफिलिएटेड कॉलेज, 22 पीजी विभाग हैं। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, पीजी योग, पीजी ज्योर्तिविज्ञान, पीजी आर्ट एंड म्यूजिक विभाग हैं।

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