Ranchi News: रांची में बढ़ रही आत्महत्या की वारदातें, एक और छात्रा ने दी जान

Ranchi News राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के केतारी बगान में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। मृतक छात्र का नाम राजकुमार उरांव है। छात्र लोहरदगा का रहने वाला था। छात्र राजकुमार उरांव 22 नवंबर को अपने दोस्त के यहां एसएससी जीडी की परीक्षा देने आया था।

Madhukar KumarPublish:Fri, 26 Nov 2021 05:20 PM (IST) Updated:Fri, 26 Nov 2021 05:20 PM (IST)
Ranchi News: रांची में बढ़ रही आत्महत्या की वारदातें, एक और छात्रा ने दी जान
Ranchi News: रांची में बढ़ रही आत्महत्या की वारदातें, एक और छात्रा ने दी जान

रांची, जासं: राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के केतारी बगान में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। मृतक छात्र का नाम राजकुमार उरांव है। छात्र लोहरदगा का रहने वाला था। छात्र राजकुमार उरांव 22 नवंबर को अपने दोस्त के यहां एसएससी जीडी की परीक्षा देने आया था। परीक्षा देने के बाद अपने दोस्त के यहां रह रहा था। लेकिन शुक्रवार को सुबह राजकुमार उरांव का शव एक बिल्डिंग में फंदे से लटकता हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने इस घटना की सूचना नामकुम थाने की पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नामकुम थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है। नामकुम थाने की पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया में यह आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले पर कुछ बोला जा सकता है। पुलिस ने कहा कि हर बिंदु पर जांच की जा रही है।

राजधानी में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं

गौरतलब है कि राजधानी में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। गुरुवार को टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के आरा गेट के पास एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। 24 नवंबर को नामकुम थाना क्षेत्र के केतारी बागान में ही एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 21 नवंबर को होटवार जेल में एक उग्रवादी ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के ज्यादातर मामलों में पुलिस यूडी केस दर्ज कर लेती है और मामले की जांच दफन हो जाती है।

जानकारों का मानना है कि आत्महत्या की कुछ घटनाएं संदिग्ध भी होती हैं। पुलिस अगर मन लगाकर जांच करे तो इसमें कई तथ्य उभरकर सामने आ सकते हैं। कई मामलों में लोग हत्या करने के बाद शव को फांसी से लटका देते हैं। ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। मामले की जांच नहीं होने पर आरोपित बच जाते हैं। लोगों का मानना है कि अगर किसी मामले में किसी ने हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया है तो जांच कर आरोपित को जेल भेजने से घटनाओं पर अंकुश लगेगा।