लोगों ने किया चांद का दीदार, रमजान-उल-मुबारक का आगाज

लोगों ने किया चांद का दीदार, रमजान-उल-मुबारक का आगाज

रमजान-उल-मुबारक का चांद मंगलवार की शाम नजर आ गया।

JagranWed, 14 Apr 2021 06:23 AM (IST)

जागरण संवाददाता, रांची : रमजान-उल-मुबारक का चांद मंगलवार की शाम नजर आ गया। लोगों ने अपने घरों की छतों और मैदान में चांद का दीदार किया और दुआएं मांगी। चांद दिखते ही मुस्लिम इलाकों हिदपीढ़ी, कडरू, कांटाटोली, कर्बला चौक आदि इलाकों में रौनक फैल गई। मस्जिदों में एशा की नमाज के बाद तरावीह की नमाज पढ़ाई गई। तरावीह की नमाज रमजान तक चलेगी।

शाम को चांद देखने के लिए लोगों ने काफी कोशिशे की। चांद देखना और इसके बाद दुआ पढ़ना सवाब का काम माना जाता है। इस वजह से हर कोई चांद देखना चाहता था। चांद दिखने के बाद लोगों ने अल्लाह तआला का शुक्र अदा किया कि उन्हें इस साल का रमजान नसीब हुआ है। बुधवार को पहला रोजा है। लोगों ने रात को सहरी खाई और रोजा रखने की नीयत की।

-----

रमजान में अल्लाह की खुशनूदी हासिल करें

एदार-ए-शरीया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है चांद नजर आते ही 1442 हिजरी के पाक महीने रमजानुल मुबारक की शुरुआत हो गई। इस पाक महीने में नमाजे तरावीह, सहरी, रोजा, नमाज, इफ्तार, तेलावत, खैरात, सदका, बेसहारों की मदद और हर नेक काम में अपने आप को वक्फ कर अल्लाह और रसूल स. की खुशनूदी हासिल की जाती है। इस महीने में नेकियां बढ जाती हैं। मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने राज्य वासियों को रमजानुल मुबारक की हार्दिक बधाई दी है।

-----

बाजार में खरीददारी शुरू

रमजान का चांद देखने के बाद लोगों ने बाजार जाकर खरीदारी की। लोगों ने सहरी का इंतजाम किया। इसके लिए, दूध, ब्रेड, फल, लच्छे आदि खरीदे गए। सहरी में लोग ज्यादातर इन्हीं चीजों का प्रयोग करते हैं।

----

इस साल कोविड-19 का टीका लगवाने वाले ही कर सकेंगे हज

जागरण संवाददाता, रांची: इस साल हज वही लोग कर सकेंगे, जिन्होंने कोरोना का टीका लगवाया है। हज पर जाने वालों के लिए कोरोना का टीका लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। झारखंड से इस बार हज के लिए 932 लोगों ने आवेदन किया है। इनमें से रांची के 135 लोग हैं। इन आवेदनों की जांच पड़ताल का सिलसिला चल रहा है। गौरतलब है कि कोरोना की महामारी के बीच इस साल हज के लिए जाने वाले आजमीन की संख्या में गिरावट आई है। पिछले साल प्रदेश से 2100 लोग हज पर गए थे। लेकिन, इस साल महज 935 लोगों ने ही आवेदन किया है। बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी के चलते लोग हज यात्रा अगले साल पर टाल रहे हैं। साथ ही हज पर शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। इसके लिए सऊदी सरकार ने नियम कानून जारी कर दिए गए हैं। हज कमेटी द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार आजमीन को सऊदी अरब पहुंचने पर 72 घंटे के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। हज के दौरान मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों को आपस में डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर रखनी होगी। इस साल 19 या 20 जुलाई को हज होगा। आजमीन हज की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस साल हज पर जाने का किराया तीन लाख 69 हजार 50 रुपये है। झारखंड के आजमीन कोलकाता एयरपोर्ट से हज के लिए रवाना होंगे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.