Jharkhand Weather Update: बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सात डिग्री गिरा रांची का अधिकतम तापमान

Jharkhand Weather Update राजधानी रांची में 24घंटों से जारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कल से आज सुबह पांच बजे तक रांची में 60 मिमी से ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है।

Kanchan SinghSun, 14 Nov 2021 08:04 AM (IST)
राजधानी रांची में 24घंटों से जारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

रांची, जासं।  राजधानी रांची में शनिवार को शुरू हुई बारिश रविवार की सुबह तक जारी है। पिछले 24घंटों से जारी बारिश के कारण शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कल से आज सुबह पांच बजे तक रांची में 60 मिमी से ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार रांची में आज भी दिनभर बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही दिन में एक से दो बार हल्के मेघ गर्जन की भी संभावना है। कल से जारी बारिश के कारण शहर के अधिकतम तापमान में करीब सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 27डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का चक्रवाती क्षेत्र अब तमिलनाडु के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र के रूप में बना हुआ है। इसका टर्फ लाइन आसपास के राज्यों के साथ गंगा के मैदानी इलाकों तक फैला हुआ है। इसके कारण राज्य में आज और कल भी लगातार बारिश के साथ मेघ गर्जन की संभावना है। रविवार को मौसम विभाग द्वारा रिपोर्ट के अनुसार मध्य भाग मसलन रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी व रामगढ़, जबकि दक्षिणी भाग के पूर्वी सिंहभूम व पश्चिमी सिंहभूम के अलावे सिमडेगा, सरायकेला खरसांवां शामिल है। वहीं उत्तर पूर्वी हिस्से के देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ व साहेबगंज में यही हालात बने रहने की संभावना है।

कृषि मौसम विज्ञान के द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि बेमौसम हुई बारिश का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। इससे सबसे ज्यादा धान की फलस और सब्जी की फसल को नुकसान होने की संभावना है। मटर और टमाटर के पौधों में अभी फूल लगे हुए हैं। ऐसे में बारिश के कारण इनके फूल झड़ गए हैं। इसका सीधा असर इस वर्ष के उत्पादन पर पडेगा। कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि धान के खेतों में पानी जमा हो गया हो तो उसे जल्द निकालने की व्यवस्था करें। धान की दूधिया अवस्था होने व बारिश होने के कारण गंधी बग का प्रकोप बढ़ सकता है। जिस कारण धान व सब्जी की खेती पर असर पड़ सकता है। यदि कीट का प्रकोप बढ़ जाए तो जैव कीटनाशक, पाइरेथ्रीन, नीम व करंज की खल्ली को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान

रांची 20.8 18.4

जमशेदपुर 26.0 21.7

मेदिनीनगर 24.0 19.8

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