Puja Bharti Case: नहीं सुलझी मेडिकल छात्रा पूजा की हत्‍या की गुत्‍थी, पतरातू डैम में मिली थी हाथ-पैर बंधी लाश

Puja Bharti Murder Case: गोड्डा की रहने वाली हजारीबाग की मेडिकल छात्रा पूजा भारती।

Puja Bharti Murder Case हजारीबाग की मेडिकल छात्रा पूजा की मौत के मामले में उसके माता-पिता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से जान गई। हालांकि शोकाकुल स्वजनों को भरोसा है कि हर हाल में हत्यारा पकड़ा जाएगा।

Publish Date:Fri, 15 Jan 2021 10:47 PM (IST) Author: Alok Shahi

रांची, जेएनएन। Puja Bharti Godda, Puja Bharti Murder Case, Puja Bharti Case हजारीबाग मेडिकल कालेज की छात्रा पूजा भारती हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने शुक्रवार को विशेष जांच दल (एसआइटी) में शामिल अधिकारियों की टीम लोहिया नगर, गोड्डा पहुंची। यहां मृत छात्रा के माता-पिता रहते हैं। पूजा की मां अर्चना देवी ने इस दौरान अधिकारियों को बताया कि पूजा रोजाना सुबह, दोपहर और रात में वीडियो कॉल करती थी।

घटना के दिन भी उसने सुबह साढ़े आठ बजे वीडियो कॉल किया था। उसने कहा था, तीन बजे तक परीक्षा चलेगी, इसके बाद फिर कॉल करेगी। जब तीन बजे पूजा का फोन नहीं आया तो उन्होंने खुद कॉल किया, परंतु मोबाइल स्वीच ऑफ मिला। इसके बाद उन्होंने पूजा की दोस्त ज्योति वर्मा से संपर्क किया, जिसने बताया कि पूजा का कमरा बंद है। जब वार्डन ने दरवाजा खोला तो पूजा कमरे में नहीं दिखी। इसके अगले दिन उसका शव बरामद हुआ।

माता-पिता ने अधिकारियों से कहा कि लॉकडाउन के दौरान आठ महीने तक पूजा गोड्डा में थी। दिसंबर में मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा, क्योंकि परीक्षा होनी थी। माता-पिता ने इस दौरान भरोसा जताया कि उनकी बेटी का हत्यारा पकड़ा जाएगा और उसे कड़ी सजा मिलेगी। गोड्डा में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल की अगुवाई कर रहे मांडू के अंचल पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार कर रहे हैं।

उनके साथ सब इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार और एसआइ दीपिका तिग्गा भी हैं। सुशील कुमार ने बताया कि मेडिकल छात्रा की हत्या की जांच के लिए चार अलग-अलग एसआइटी का गठन किया गया है। गोड्डा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में अलग अलग एसआइटी पड़ताल में लगी है। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में गोड्डा का कोई कनेक्शन नहीं मिला है।

कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से गई पूजा की जान : पिता

 छात्रा के पिता अवध बिहारी पूर्वे और माता अर्चना देवी ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से उनकी बेटी की जान गई है। मेडिकल कॉलेज की वार्डन राखी देवी और प्रोफेसर मोइली को सुबह दस बजे उनकी बेटी ने सुप्रभात कहा था। शाम तक बेटी कॉलेज में नहीं थी। कॉलेज प्रबंधन ने दिन भर उसकी खोज खबर नहीं ली। दिवंगत छात्रा के भाई विद्यानंद प्रसाद ने बताया कि 2019 में पूजा का नामांकन हुआ था। बीते 12 दिसंबर को फस्र्ट सेमेस्टर की परीक्षा देने के लिए बहन गोड्डा से हजारीबाग गई थी।

पुलिस सारे पहलुओं पर गंभीरता से जांच पड़ताल कर रही है। जल्द ही हत्याकांड का उद्भेदन हो जाएगा। अनुसंधान सही दिशा में है। अमोल वेणुकांत होमकर, डीआइजी, हजारीबाग

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