देश की सियासत का केंद्र बने हेमंत सोरेन, चारों तरफ उनकी ही चर्चा; जानें ये बड़ी वजह...

Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देश की राजनीति के केंद्र बन गए हैं।

Hemant Soren झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पीएम मोदी पर ट्वीट करने के बाद सुर्खियाें में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रतिक्रिया से राजनीतिक उबाल आ गया है। हेमंत ने कहा है कि बेहतर होता कि पीएम काम की बात करते और सुनते।

Alok ShahiSat, 08 May 2021 04:22 AM (IST)

रांची, राज्य ब्यूरो। Hemant Soren झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नीतिगत मसलों पर हमेशा केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। गुरुवार की देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर उनका एक ट्वीट राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर हुई बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की। बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते। इसपर राजनीतिक गलियारे में पक्ष-विपक्ष की ओर से बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया हुई। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुख्यमंत्री की बातों का समर्थन करते हुए मोर्चाबंदी की।

झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड की वास्तविक स्थिति नहीं जानना चाहते हैं। यह चिंताजनक है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के लोगों की हित की बात की है तो केंद्र सरकार में बैठी भाजपा के नेता प्रोटोकॉल का हवाला दे रहे हैं। इसे राजनीतिक रंग देना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार झारखंड के लोगों को राहत पहुंचाने के कार्य में जुटे हुए हैं। केंद्र को अपेक्षित मदद के लिए आगे आकर सहयोग करना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं कर सिर्फ राजनीति की जा रही है। इस विकट संकट की घड़ी में केंद्र सरकार के अपरिपक्व निर्णय से अराजकता की स्थिति बन रही है। केंद्र सरकार आखिर चाहती क्या है। झारखंड के लोगों से भाजपा को इतनी नफरत क्यों है। क्या झारखंडियों के जीवन का कोई मोल नहीं है।

उधर झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सही बात की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात तो करते हैं, लेकिन देश की बात नहीं करते। उन्हें राज्यों को विश्वास में लेकर समस्याएं सुननी चाहिए और उसका निदान भी करना चाहिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 18 अप्रैल को बांग्लादेश से रेमडेसिविर का आयात करने की अनुमति मांगी थी। अभी तक राज्य सरकार को अनुमति नहीं मिली है। केंद्र सरकार खुद बांग्लादेश से यह दवा आयात कर रही है। आजतक देश में जितनी बीमारियों के टीके लगे, वह निश्शुल्क दिए गए। झारखंड में भाजपा के 12 सांसद हैं, लेकिन आपदा की स्थिति में सभी गायब हैं।

कांग्रेस ने भी किया प्रहार

झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमोनीत महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बातों को सही ठहराया। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं को काम कम और दिखावे में ज्यादा विश्वास है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सही बात उठाई है तो भाजपा के नेताओं को मिर्ची लग रही है। यही कारण है कि झारखंड के लोगों ने भाजपा को पूरी तरह नकार दिया है। विधानसभा चुनाव में इनकी करारी हार हुई और उपचुनाव में भी हार की हैट्रिक लग चुकी है। झारखंड में भाजपा के 12 सांसदों को इस विकट घड़ी में राज्य की जनता खोज रही है, लेकिन वे मुंह छिपाए बैठे हैं। झारखंड की अपेक्षा केंद्र सरकार से है तो उसे गंभीरता से लेने की बजाय राजनीति की जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना संकट काल में जितना बेहतर काम किया है, उसकी राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई है। आग्रह होगा कि केंद्र सरकार झारखंड के हित की अनदेखी नहीं करे।

भाजपा ने किया पलटवार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया। प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि देश ने शायद ही कभी ऐसा स्तर विहीन मुख्यमंत्री देखा होगा। प्रधानमंत्री ने बड़ा हृदय दिखाते हुए मुख्यमंत्री को फोन किया, लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान की निंदा झारखंड का प्रत्येक नागरिक कर रहा है।बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट पर लिखा कि मुख्यमंत्री अपने दायित्वों से बचने के लिए झारखंड की जनता को लगातार गुमराह कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के झारखंड के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और प्रयासों को झुठलाने के आपके इस ओछी हरकत पर आज झारखंडी शर्मिंदा हैं। इसकी देश ही नहीं दुनिया में आलोचना हो रही है। झारखंड की संस्कृति में झूठ,फरेब की कोई जगह नहीं है। ईश्वर आपको सद्बुद्धि दें,संयमित रखें और जिम्मेदार बनायें।

अपनी नाकामी छिपा रहे हेमंत सोरेन : रघुवर दास

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री ने झारखंड समेत देश के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना से संबंध में जानकारी लेने के लिए फोन किया और सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसपर मुख्यमंत्री की टिप्पणी निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने अपने पद की गरिमा गिराई है। वे अपनी नाकामी को छिपाने के लिए दिन-रात केंद्र सरकार को कोसते रहे हैं। कोरोना महामारी के खिलाफ काम करने में देश के प्रधानमंत्री लगातार लगे हैं। हर राज्य को मोदी सरकार हर कदम पर सुविधा उपलब्ध करा रही है। रिम्स में बनाए गए 450 बेड के जिस कोविड सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया है, उसमें भी भारत सरकार ने 75 प्रतिशत राशि का सहयोग किया है। इसी प्रकार टेस्टिंग किट में भी केंद्र सरकार 75 प्रतिशत का सहयोग कर रही है।

पद की गरिमा गिराई - अर्जुन मुंडा

केंद्रीयमंत्री अर्जुन मुंडा ने हेमंत सोरेन के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा - प्रधानमंत्री जी ने तो आपको फोन किया कि कोरोना से कैसे लड़ा जाए और भारत सरकार सबके साथ है। आपने आभार व्यक्त करने की बजाय उनकी आलोचना की। प्रधानमंत्री जी ने अपना बड़प्पन दिखाया लेकिन आपने अपनी और मुख्यमंत्री पद की गरिमा गिरा दी। आप इस बात का ध्यान रखें कि झारखंड के साढ़े तीन करोड़ इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। अपने राज्य की देखभाल करने की बजाय इस तरह की आलोचना करने से बचकर सामूहिक कार्य कर इस लड़ाई को कैसे जीतें, यह सुनिश्चित करना चाहिए।

हेमंत को नसीहत, टिप्पणी को बताया गलत

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन ने कहा, हमारे आपसी मतभेद जो भी हों, लेकिन इस महामारी के दौरान इस स्तर पर राजनीति करना देश और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाएगा। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा, मणिपुर के मुख्यमंंत्री एन बीरेन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू समेत कई अन्य नेताओं ने भी हेमंत के ट्वीट की आलोचना करते हुए कहा कि वह भी लंबे वक्त से मुख्यमंत्री हैं और उनका अनुभव है कि प्रधानमंत्री मोदी बहुत गंभीरता से राज्यों की समस्याओं को सुनते हैं। यह वक्त एकजुट होकर देश को कोरोना से मुक्त कराने का है। भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष और मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने भी हेमंत को कठघरे में खड़ा किया। कहा कि हेमंत को संघीय ढांचे की मर्यादा का अहसास ही नहीं है, न ही सामान्य शिष्टाचार की कद्र। कुछ नेता महामारी को अपनी राजनीति चमकाने का जरिया बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया जनभावना के अनुरूप : कांग्रेस

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डा. राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद जो ट्वीट किया गया है, वह सिर्फ मुख्यमंत्री की भावना नहीं है, बल्कि जनभावना है। दूबे ने कहा कि राज्य के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री ने लोगों की मदद के लिए कौन सी बात की और किस तरह की सहायता उपलब्ध करायी। उन्होंने कहा कि यही बात जब मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक कर दी, तो प्रदेश भाजपा के सारे नेता बिलाबिलाकर प्रोटोकॉल की दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सिर्फ लोगों की जान बचाना ही एकमात्र प्रोटोकॉल रह जाता है और इस दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ काम कर रही है।

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