सहकारिता सेवा के पदाधिकारी जयदेव प्रसाद पर एसीबी में दर्ज होगी पीई

सहकारिता सेवा के पदाधिकारी जयदेव प्रसाद पर एसीबी में दर्ज होगी पीई। जागरण

झारखंड सहकारिता सेवा के पदाधिकारी जयदेव प्रसाद सिंह उर्फ जयदेव सिंह पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने एसीबी की गोपनीय सत्यापन रिपोर्ट (आइआर) व मंतव्य के आधार पर पीई की अनुमति दे दी है।

Vikram GiriFri, 26 Feb 2021 05:10 PM (IST)

रांची, राज्य ब्यूरो । झारखंड सहकारिता सेवा के पदाधिकारी जयदेव प्रसाद सिंह उर्फ जयदेव सिंह पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने एसीबी की गोपनीय सत्यापन रिपोर्ट (आइआर) व मंतव्य के आधार पर पीई की अनुमति दे दी है। आरोपित जयदेव प्रसाद पर विभिन्न पदों पर रहते हुए वित्तीय अनियमितता, गबन व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

करीब डेढ़ साल पहले झारखंड सरकार की वित्त विभाग की विशेष जांच में सहकारिता बैंक की रांची शाखा में नौ करोड़ 98 लाख 21 हजार 155 रुपये की अनियमितता और सरायकेला शाखा में 522.27 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई थी। इसके बाद तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी चाईबासा लाल मनोज नाथ शाहदेव, तत्कालीन महाप्रबंधक झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड जयदेव प्रसाद सिंह और तत्कालीन प्रबंध निदेशक देवघर-जामताड़ा सहकारी बैंक राम कुमार प्रसाद को निलंबित किया गया था।

वित्त विभाग की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा में फर्जी दस्तावेज पर ऋण राशि का समायोजन कर राशि गबन की गई, फर्जी बैंक ड्राफ्ट बनाकर राशि का गबन किया गया। बिना बजट के खर्च कर गड़बड़ी की गई और अनियमित रूप से कैश क्रेडिट ऋण दिया गया।

सीएम के आदेश पर गत वर्ष भी घोटाले के मामले में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

गत वर्ष 28 मई 2020 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एसीबी को सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितता और गबन की जांच का आदेश दिया था। इसके बाद एसीबी ने झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की रांची, चाईबासा और सरायकेला शाखा में करोड़ो के घोटाले के मामले में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी।

अब एक और पीई दर्ज कर जयदेव प्रसाद की संपत्ति खंगालेगा एसीबी

मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से अनुमति मिलने के बाद अब एसीबी जयदेव प्रसाद पर पीई दर्ज करेगा और उनकी आय से अधिक संपत्ति से संबंधित ब्योरा खंगालेगा।

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