Jharkhand Crime: पुलिस मुख्यालय ने सिमडेगा के एसपी के खिलाफ सरकार से की कार्रवाई की अनुशंसा

Jharkhand Crime छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित नवकार ज्वेलर्स से चोरी गए 80 लाख के जेवरात की सिमडेगा में बरामदगी के बाद हेराफेरी के मामले में पुलिस की हर तरफ किरकिरी हो रही है। पुलिस मुख्यालय ने एसपी सिमडेगा डा. शम्स तबरेज के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

By Kanchan SinghEdited By: Publish:Tue, 30 Nov 2021 06:30 AM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 06:30 AM (IST)
Jharkhand Crime: पुलिस मुख्यालय ने सिमडेगा के एसपी के खिलाफ सरकार से की कार्रवाई की अनुशंसा
पुलिस मुख्यालय ने सिमडेगा एसपी डा. शम्स तबरेज के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

रांची,{दिलीप कुमार}। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित नवकार ज्वेलर्स से चोरी गए 80 लाख के जेवरात की सिमडेगा में बरामदगी के बाद हेराफेरी के मामले में पुलिस की हर तरफ किरकिरी हो रही है। डीआइजी की जांच रिपोर्ट में सिमडेगा के एसपी डा. शम्स तबरेज की कार्यशैली पर लगे गंभीर आरोपों पर पुलिस मुख्यालय ने आठ नवंबर को एसपी से स्पष्टीकरण पूछा था। एक सप्ताह के भीतर एसपी को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने अब तक अपना जवाब नहीं दिया है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने अब राज्य सरकार से अनुशंसा की है कि एसपी सिमडेगा डा. शम्स तबरेज ने अपने ऊपर लगे आरोपों के विरुद्ध अपना जवाब नहीं दिया है। उनपर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

अब इस मामले में एसपी के खिलाफ कार्रवाई के बिंदु पर राज्य सरकार को निर्णय लेना है। पुलिस मुख्यालय ने अपनी अनुशंसा के साथ डीआइजी की रिपोर्ट की कॉपी भी लगाई है, जिसमें एसपी पर गंभीर आरोप लगे थे। गौरतलब है कि रायपुर से चोरी गए जेवरात की सिमडेगा में बरामदगी के बाद हेराफेरी मामले में रांची के डीआइजी पंकज कंबोज ने जब जांच की तो सिमडेगा पुलिस की कार्यशैली कटघरे में खड़ी हो गई। भले ही इस मामले में बांसजोर के तत्कालीन ओपी प्रभारी आशीष कुमार, एएसआइ संदीप कुमार व पुलिस चालक शाहिद गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे, अब एसपी व थानेदार के बीच कथित वायरल आडियो से नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस प्रकरण में एसपी डा. शम्स तबरेज की भूमिका व कार्यशैली की सीआइडी जांच जारी है।

आज वायरल आडियो पर अपना मंतव्य दे सकते हैं सीआइडी के एडीजी

सिमडेगा के एसपी डा. शम्स तबरेज व बांसजोर के तत्कालीन ओपी प्रभारी आशीष के बीच हुई कथित बातचीत के वायरल आडियो की सत्यता के मामले में सीआइडी के एडीजी प्रशांत सिंह मंगलवार को अपना मंतव्य दे सकते हैं। पुलिस मुख्यालय ने उनसे मंतव्य मांगा है कि उक्त वायरल आडियो में किए गए दावे पर प्रारंभिक जांच में कितनी सच्चाई सामने आई है।

जवान तो आदेश पालक था, तत्काल उसे बरी किया जाए

झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि अब तक जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें प्रथम दृष्ट्या जब्त जेवर की हेराफेरी में बड़े-बड़े पदाधिकारियों की भूमिका उजागर हो रही है। इस प्रकरण में एक चालक सिपाही शाहिद जेल भेजा गया था। सिपाही तो अपने अधिकारियों का आदेशपालक होता ही है। उसने वही किया जो उसके सीनियर अधिकारियों ने कहा, इसलिए जेल जाने वाले सिपाही को तत्काल इस केस से बरी किया जाय। एसोसिएशन जवानों के साथ भेदभाव नहीं होने देगा। इस प्रकरण में एसोसिएशन सभी पहलुओं पर नजर रख रहा है।

सीआइडी जांच पर भरोसा, हो निष्पक्ष जांच - योगेंद्र सिंह

 झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा कि सिमडेगा में जेवर की हेराफेरी मामले में सीआइडी की जांच चल रही है। उन्हें सीआइडी जांच पर भरोसा है। निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी। सीआइडी की जांच रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन आगे की कार्रवाई करेगी। जेवर की हेराफेरी मामले में इस एसोसिएशन से जुड़े बांसजोर ओपी के तत्कालीन प्रभारी आशीष कुमार व एएसआइ संदीप कुमार जेल जा चुके हैं।

नेपाल में है रायपुर पुलिस की एक टीम, सिमडेगा व साहिबगंज भी जाएगी दो टीमें

जेवरात चोरी के मामले की जांच कर रही रायपुर पुलिस की एक टीम नेपाल में है, जबकि दो अन्य टीम साहिबगंज व सिमडेगा भी जाएगी, ताकि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ-साथ गायब 40-45 लाख रुपये मूल्य का सोना बरामद किया जा सके। रायपुर पुलिस को नेपाल के उन दो युवकों की तलाश है, जो रायपुर स्थित नवकार ज्वेलर्स के पास गोलगप्पे का ठेला लगाते थे। इन्हीं दोनों युवकों ने साहिबगंज के चोरों को शरण दी और रेकी कर चोरी में मदद की थी।

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