झारखंड की जेलों में गैंगवार की आहट, पुलिस चौकस-प्रशासन के कान खड़े

रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य की जेलों में विधि-व्यवस्था की समस्या व गैंगवार की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों का पुलिस-प्रशासन रेस है। सुरक्षा का आकलन करने के बाद बंदियों के गुटों को अलग करने की मुहिम पर पुलिस ने काम शुरू किया है। बंदी गुटबाजी न करें, इसलिए ऐसे संदिग्ध बंदियों को राज्य की दूसरे जेलों में स्थानांतरित किया गया है।पिछले दिनों खूंटी मंडल कारा में बंद 15 बंदियों के स्थानांतरण के बाद अब नया मामला देवघर में आया है। यहां के नौ बंदी भी दूसरी जेलों में स्थानांतरित होने जा रहे हैं।

देवघर के उपायुक्त के आग्रह पर कारा महानिरीक्षक वीरेंद्र भूषण ने कैदियों के स्थानांतरण की स्वीकृति दे दी है। कारा महानिरीक्षक ने स्वीकृति देने के साथ ही आदेश दिया है कि बंदियों के स्थानांतरण के पूर्व संबंधित न्यायालय से अनुमति अवश्य ले लें, उसके बाद ही स्थानांतरण की कार्रवाई करें।

जेलों में कैदियों का बोझ कम करने की तैयारी, बनेंगे चार नए उपकारा

राज्य की जेलों में कैदियों के बोझ को कम करने की तैयारी जोरों पर है। इसके लिए कारा निरीक्षणालय ने गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को पूर्व में भी पत्राचार किया था। अब विभाग की भी स्वीकृति मिल गई है।

पुराने केंद्रीय कारा, मंडल कारा के विस्तारीकरण को लेकर प्रक्रिया तेज है। वहीं, चार नए उपकारा के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण व चारदीवारी निर्माण का कार्य भी पूरा हो चुका है। नए भवन का निर्माण होते ही उपकारा की शुरुआत हो जाएगी, इससे फायदा यह होगा कि उक्त क्षेत्र के विचाराधीन बंदियों को केंद्रीय कारा या मंडल कारा में भेजने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

जेलों में क्या होगा नया

- नगर उंटारी : यह नया उपकारा होगा, जहां 325 बंदियों के रखने की क्षमता होगी।

- बरही : यह नया उपकारा होगा, जहां 325 बंदियों के रखने की क्षमता होगी।

- चक्रधरपुर : यह नया उपकारा होगा, जहां 325 बंदियों के रखने की क्षमता होगी।

- हुसैनाबाद : यह नया उपकारा होगा, जहां 325 बंदियों के रखने की क्षमता होगी।

- लातेहार मंडल कारा का नया भवन होगा, जमीन मिल गई है। यहां 800 बंदियों को रखने की क्षमता होगी।

- जामताड़ा मंडल कारा के नए भवन के लिए भी जमीन मिल गई है, जहां 600 बंदियों को रखने की क्षमता होगी।

- देवघर केंद्रीय कारा के नए बिल्डिंग के लिए जमीन मिल चुकी है।1500 बंदियों के रखने की क्षमता होगी।

- गिरिडीह केंद्रीय कारा, सरायकेला मंडल कारा व पलामू केंद्रीय कारा के विस्तारीकरण की योजना है।

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