Minor Girls Murder: हर चेहरे पर आक्रोश, पिपरवार में उबाल; कठोर सजा के भरोसे पर आंदोलन स्‍थगित

रांची, जेएनएन। Minor Girls Murder लापता तीन बच्चों में से दो बच्चियों की मौत के बाद पिपरवार क्षेत्र के ग्रामीणों में उबाल है। आक्रोशित लोग एक साथ तीन स्थानों में आंदोलन कर रहे हैं। भीड़ की एक टुकड़ी पिपरवार थाना के समक्ष नारेबाजी व पत्थरबाजी कर रही थी, तो दूसरी टुकड़ी घूम-घूम कर बाजार व दुकानें बंद करा रही थी। वहीं, तीसरी टुकड़ी बचरा अस्पताल में जुटी थी। इसमें अधिकतर महिलाएं शामिल थीं। पुलिस द्वारा हंगामा कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करने की घटना के बाद लोगों ने आरसीएम व बचरा साइडिंग की कोयला ढुलाई रोक दी। चुनाव कार्य के लिए आए एक पुलिस की बस के शीशे तोड़ दिए। टंडवा बीडीओ प्रताप टोप्पो व थाना प्रभारी भीड़ को समझाने का प्रयास करते देखे गए, लेकिन आक्रोशित भीड़ न्याय की मांग को लेकर रुक-रुक कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती रही।

हत्यारों को कठोर सजा दिलाने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आंदोलन स्थगित

नाबालिग दो बच्चियों के साथ दुष्कर्म एवं हत्या की घटना के विरोध में सड़कों पर कई गांवों के लोग उतर आए थे। पूरे दिन विरोध-प्रदर्शन का दौर चलता रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाने- बुझाने एवं हत्यारों को कठोर दंड दिलाने के आश्वासन के बाद शाम में ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित किया। अब प्रदर्शनकारी वापस लौट रहे हैं। शुक्रवार को दिन भर हजारों महिला- पुरुषों ने दुष्कर्मियों एवं हत्यारों को को फांसी दो, पुलिस प्रशासन हाय-हाय, बेटियों को न्याय दो, दुष्कर्मियों को एनकाउंटर करो जैसे नारे लिखीं तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया था।उधर आक्रोशित ग्रामीणों ने एक आरोपित के घर पर तोड़फोड़ भी की।

 

पूरे दिन हलकान रहा पुलिस महकमा

सूखी लकडिय़ां चुनने जंगल गए तीन नाबालिग बच्चों के गायब हो जाने की खबर से पूरा प्रशासनिक व पुलिस महकमा बुधवार की रात से हलकान रहा। सूचना पाकर चतरा एसपी पिपरवार पहुंचे। वे एसडीपीओ, थाना प्रभारी व सशस्त्र बलों के साथ टीएच कॉलोनी से सटे जंगल में चलाए जा रहे सर्च अभियान में शामिल हुए। अंधेरे के कारण पुलिसकर्मियों को कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन सुबह में ग्रामीणों ने आठ वर्षीय बालक को मैगजीन के निकट जंगल में घायलावस्था में बरामद कर लिया। दोपहर में लगभग तीन बजे मैगजीन से दो किमी दूर जंगल में दोनों लड़कियों को भी ग्रामीणों ने खोज निकाला। इनमें से एक की सांसें चल रही थी। ग्रामीणों ने तुरंत दोनों को बाइक से अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने एक को मृत घोषित कर दिया। सभी बच्चों के सिर पर पत्थर से प्रहार किया गया था। सिर पर जख्म के निशान थे। पिपरवार में इस तरह की पहली घटना है। इससे आम जनमानस आक्रोशित है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग इस घटना के लिए पुलिस को कुसूरवार ठहरा रहे हैं। पूरे जंगल में जगह-जगह शराब की बोतलें बिखरी पड़ी है। कॉलोनी के लोग बताते हैं कि जंगल में जुआ व शराब का अड्डा बना हुआ है। यहां अक्सर अपराधकर्मियों के आना-जाना लगा रहता है।

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