झारखंड के चतरा ज‍िले में चित्रकार शिक्षक व‍िकास कुमार स‍िंंह ने बदल दी सरकारी स्कूल की सूरत

दो एकड़ में फैले परिसर में उग आई थीं झाडिय़ां। पौधारोपण कर स्कूल की दीवारों पर खुद विकास कुमार स‍िंंह ने की चित्रकारी। अब स्‍कूल को देखने के ल‍िए अध‍िकारी भी गांव आते हैं। अपने इस पुण्‍य कार्य से व‍िकास कुमार स‍िंंह अन्‍य श‍िक्षकों के ल‍िए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

M EkhlaqueSun, 05 Sep 2021 06:00 AM (IST)
चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड स्थित पुरैनी उत्क्रमित मध्य विद्यालय। जागरण

चतरा (जुलकर नैन) : एक चित्रकार शिक्षक ने किस तरह वीरान व खंडहर विद्यालय की सूरत बदल दी, इसकी बानगी देखनी हो तो चले आइए- चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड स्थित पुरैनी उत्क्रमित मध्य विद्यालय। यह सरकारी स्कूल आपका मन मोह लेगा। इसे इस मुकाम तक पहुंचाने वाले शिक्षक का नाम है- विकास कुमार सिंह।

अपने बूते सुशिक्षित समाज गढऩे में जुटे विकास कुमार सिंह अद्भुत चित्रकार भी हैं। विलक्षण प्रतिभा और सृजनात्मक सोच के धनी हैं। चहुंओर हो रही अपनी प्रशंसा से बेपरवाह वह स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर भारत की तस्वीर उकेरने में अनवरत जुटे हुए हैं। उन्होंने न केवल अपनी परिकल्पना को जमीन पर उकेर कर इस विद्यालय की बेहतरीन छवि गढ़ी, अपितु साथी शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गए। दो एकड़ में स्थित विद्यालय परिसर कभी भूतबंगला के रूप में जाना जाता था। कुत्ते, बकरी व अन्य पशुओं का अड्डा था। यहां चहुंओर झाडिय़ां उग आई थीं। बच्चे स्कूल आने में डरते थे।

वर्ष 2008 में जब विकास कुमार सिंह यहां बतौर प्रधानाध्यापक पदस्थापित हुए तो अनूठी पहल शुरू की। खुद परिसर स्थित झाडिय़ां साफ कराई। विभिन्न प्रकार के फूल और फलदार पौधे लगाए। सफाई और सजावट पर ध्यान दिया। उन्होंने खुद अपने हाथों से विद्यालय की दीवारों पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर समाज का संदेश देती तस्वीरें उकेरीं। यही नहीं विद्यालय में इन संदेशों का अनुपालन भी सुनिश्चित कराया।

विद्यालय के साथ ग्रामीणों को जोडऩे की पहल की। ग्रामीण भी बढ़चढ़कर सहयोग करने लगे। शिक्षक भी पढ़ाने में रुचि लेने लगे। अनुशासन को विद्यालय का मूल मंत्र बनाया गया। अब चहुंओर स्कूल की चर्चा हो रही है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी तारीफ करते नहीं थकते। सुशिक्षित समाज गढऩे में योगदान के लिए विकास कुमार सिंह सम्मानित भी किए जा चुके हैं।

2018 में दैनिक जागरण के कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन उपायुक्त जितेंद्र कुमार ङ्क्षसह ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया था। करीब एक वर्ष पूर्व उनके तैल चित्रों को तत्कालीन उपायुक्त दिव्यांशु झा ने अपने ट््वीटर हैंडल पर साझा किया था।

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