Central University Of Jharkhand : दिव्यांग सशक्तीकरण में मीडिया एवं अकादमिक सहयोग विषय पर वेबिनार का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस(International Disabled Day) के अवसर पर झारखंड केंद्रीय विश्विद्यालय(Central University Of Jharkhand) एवं अली यावर जंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग डिसेबिलिटीज मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में एक आनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय दिव्यांग सशक्तीकरण मीडिया एवं अकादमिक सहयोग था।

Kanchan SinghFri, 03 Dec 2021 11:57 PM (IST)
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।

रांची, जासं। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस(International Disabled Day) के अवसर पर झारखंड केंद्रीय विश्विद्यालय(Central University Of Jharkhand) एवं अली यावर जंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग डिसेबिलिटीज(Ali Yawar Jung National Institute of Speech and Hearing Disabilities)(दिव्यांगजन), मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में एक आनलाइन वेबिनार(Online Webinar) का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का मुख्य विषय 'दिव्यांग सशक्तीकरण(Disability Empowerment), मीडिया एवं अकादमिक सहयोग(Media and Academic Collaboration)' रहा।

इस वेबिनार की अध्यक्षता सीयूजे प्रभारी कुलपति प्रोफेसर आर.के डे ने की। वेबिनार की शुरुआत में जनसंचार विभाग(Mass Communication Department) डीन डॉ. विमल किशोर द्वारा अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया । इसके पश्चात विश्वविद्यालय के प्रमुख प्रोफेसर देवव्रत सिंह ने कार्यक्रम की जरूरत पर बल दिया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल अनेजा मुख्य अतिथि थे।

वेबिनार को दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल अनेजा ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने शारीरिक, मानसिक या बौद्धिक अक्षमता से जुड़े क्लासिक और आधुनिक ग्रंथों पर अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि से प्रतिभागियो को लाभान्वित किया। "अधिकार से सशक्तीकरण, विकलांगता आंदोलन और इसकी चुनौतियां" पर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, प्रो. अनिल अनेजा ने शुरुआत में अपना मुख्य भाषण दिया ।

विकलांग के कल्याण के लिए बनाए गए कानूनों और मानदंडों आदि मुद्दों पर डाला प्रकाश:

वेबिनार के अन्य अतिथि जंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग डिसएबिलिटीज अली यावर मुंबई के मीडिया विभाग में कार्यरत डॉ पी. जे. मैथ्यू मार्टिन रहेl उन्होंने अपने भाषण में विकलांग लोगों द्वारा सूचना, संसाधनों और अन्य सेवाओं तक पहुंचने में बाधाओं और उनके कल्याण के लिए बनाए गए कानूनों और मानदंडों आदि सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला। आगे प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को सूचना, शिक्षा और अन्य सुविधाएं सुलभ और अनिवार्य रूप में प्रदान की जानी चाहिए।

हर वर्ष 3 दिसंबर को दिव्यांग दिवस का आयोजन:

 राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक पहलुओं में दिव्यांग व्यक्तियों की स्थिति पर जागरूकता बढ़ाने के लिए, साल 1992 से हर वर्ष 3 दिसंबर को दिव्यांग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस ऑनलाइन वेबिनार का संयोजन जनसंचार विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ सुदर्शन यादव ने किया। वेबिनार में अस्सी से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।  इस कार्यक्रम में राज बहादुर सिंह, प्रशांत सिंह, सुश्री पुष्पा ने सहयोग किया ।

डॉ हृषिकेश महतो ,डॉ सीमा ममता मिंज, डॉ नितेश भाटिया, डॉ अमृत कुमार, डॉ नागापवन चिंतलपति, डॉ महेंद्र सिंह, डॉ नरेश बुर्ला और श्री अब्दुल हलीम ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया। सत्र के समापन में रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राज बहादुर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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