हर साल अवैध मकानों के मालिकों की धड़कन बढ़ाती है नोटिस, 200 से ज्‍यादा घर तोड़े गए Ranchi News

Ranchi Hindi News Jharkhand News रांची नगर निगम ने 16 जुलाई को 250 अवैध भवनों की सूची तैयार की है। 208 अवैध इमारतों के मालिकों के खिलाफ 20 जुलाई को नगर निगम कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। अब इसके समाधान की मांग उठ रही है।

Sujeet Kumar SumanMon, 25 Oct 2021 06:33 AM (IST)
Ranchi Hindi News, Jharkhand News रांची नगर निगम ने 16 जुलाई को 250 अवैध भवनों की सूची तैयार की है।

रांची, जासं। राजधानी रांची में हर साल रांची नगर निगम अवैध मकानों के मालिकों को नोटिस जारी करता है। भले ही इस नोटिस पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई हो, लेकिन नोटिस मिल जाने के बाद मकान मालिकों की धड़कन बढ़ जाती है। लोग भाग दौड़ करते हैं। अक्सर लोग बिचौलियों के शिकार हो जाते हैं और बिचौलिए नोटिस दबाने के नाम पर खेल कर जाते हैं। इस साल भी रांची नगर निगम की तरफ से कई बार नोटिस जारी हुई है। इसलिए माना जा रहा है कि अब सरकार को इसका समाधान करना चाहिए।

रांची में एक लाख 88 हजार अवैध इमारतें हैं। इनमें मकान व अपार्टमेंट के अलावा व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। इन अवैध इमारतों के मालिकों पर हर साल नगर निगम की तरफ से नोटिस जारी होती रहती है। पिछले साल से अब तक दर्जनों बार नोटिस जारी हो चुकी हैं। यही नहीं, झारखंड हाई कोर्ट में भी बराबर सुनवाई चलती रहती है। रांची नगर निगम ने अपर बाजार के 314 भवन मालिकों को नोटिस भेजी थी और उनसे एक हफ्ते में नक्शा दिखाने के लिए कहा गया था।

यह नोटिस पिछले साल नवंबर में भेजी गई थी। बाद में 2 लोगों के अलावा कोई भी भवन मालिक नक्शा नहीं दिखा सका। पिछले साल ही नगर निगम ने अपर बाजार के रंगरेज गली, सुनार पट्टी, जेजे रोड, महावीर चौक रोड, जालान रोड आदि की 50 व्यावसायिक इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी की थी। इन पर आरोप था कि यह लोग पार्किंग की जगह दुकानें बनाकर उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस साल भी नोटिस जारी होने का सिलसिला जारी रहा।

पहले रांची नगर निगम ने 145 भवनों को नोटिस जारी किया। फिर रांची नगर निगम ने हाई कोर्ट के निर्देश पर बाजार के 70 व्यावसायिक भवनों की सूची कोर्ट को सौंपी है। ये वे भवन हैं, जिनके ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की जगह मार्केट बना दी गई है। रांची नगर निगम ने इसी साल 24 जनवरी को अशोक विहार एक्सटेंशन में नाले पर बने 27 भवनों को नोटिस जारी की थी। यहां नाले पर बनी पांच मंजिला बिल्डिंग भी है। इसे भी तोड़ने की बात कही गई थी। इसके अलावा लालपुर में वर्धमान कंपाउंड में भी एक भवन में नक्शा विचलन का मामला सामने आया था। उसे भी नोटिस जारी की गई थी।

रांची में तकरीबन डेढ़ सौ बैंक्वेट हॉल व हॉस्टल भी अवैध तरीके से बनाए गए हैं। इनका नक्शा पास नहीं है। नगर निगम ने इन अवैध बैंक्वेट हॉल और हॉस्टल को भी पिछले साल नोटिस जारी किया था और इस साल फिर उन्हें नोटिस दी गई। उनके ऊपर कार्रवाई भी शुरू की गई। लेकिन मामला हाई कोर्ट चला गया। रांची नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बैंक्वेट हॉल और हॉस्टल के ऊपर से खतरा टला नहीं है। हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद इन पर कार्रवाई होगी।

हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद रेस हुआ था प्रशासन

हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को जुलाई में फटकार लगाते हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद रांची नगर निगम ने हिनू नदी, कांके डैम, बड़ा तालाब और अपर बाजार इलाके के लगभग ढाई सौ भवनों की सूची तैयार की थी। बाद में इनको एक-एक करके नोटिस दी गई थी। 20 जुलाई को रांची नगर निगम ने कांके डैम, हिनू नदी और बड़ा तालाब के पास अवैध निर्माण करने वाले 207 भवन मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें से कांके डैम के आसपास अवैध भवन बनाने वाले 87 भवन मालिकों और हिनू नदी के आसपास भवन बनाने वाले 78 भवन के मालिकों को नोटिस जारी की गई है। इसके अलावा रांची के एक बड़े अस्पताल को भी तोड़ने की नोटिस जारी की गई थी।

27 जुलाई को अपर बाजार के इन 12 प्रतिष्ठानों को जारी हुई थी नोटिस

27 जुलाई को रांची नगर निगम ने अपर बाजार के 12 बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के अवैध हिस्से को तोड़ने का आदेश दिया था। इन प्रतिष्ठानों में अल्का ज्वेलर्स, बाजोरिया ट्रेड सेंटर, विजय कुमार एंड ब्रदर्स बीकेबी माल, दयालदास राधाकृष्ण द्वारिकाधीश वस्त्रालय, कामधेनू बिल्डिंग, मोदी कलेक्शन, रंगीला वस्त्रालय और सुंदर वस्त्रालय।

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