झारखंड के DGP Neeraj Sinha कोरोना पॉजिटिव, 282 पुलिसकर्मी जानलेवा वायरस की जद में

Jharkhand News, Jharkhand Police: डीजीपी नीरज सिन्हा, आइजी प्रभात कुमार सहित 282 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

Jharkhand News Jharkhand Police पुलिस मुख्यालय में डीजीपी नीरज सिन्हा आइजी प्रोविजन प्रभात कुमार सहित झारखंड पुलिस के 282 पुलिस पदाधिकारी व कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। हालांकि यह जानकारी मिली है कि डीजीपी व आइजी की हालत में सुधार है।

Alok ShahiFri, 23 Apr 2021 01:03 AM (IST)

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News, Jharkhand Police पुलिस महकमे पर कोरोना वायरस का खौफ सिर चढ़कर बोलने लगा है। अग्रिम पंक्ति में काम कर रही पुलिस अब एक-एक कर कोरोना वायरस से संक्रमित होती जा रही है। अभी भारी संख्या में पुलिस के सैंपल जांच संबंधित रिपोर्ट लंबित है। प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि संक्रमित पुलिसकर्मियों की संख्या भविष्य में बढ़ेगी।

पुलिस मुख्यालय में डीजीपी नीरज सिन्हा, आइजी प्रोविजन प्रभात कुमार सहित झारखंड पुलिस के 282 पुलिस पदाधिकारी व कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। हालांकि, यह जानकारी मिली है कि डीजीपी व आइजी की हालत में सुधार है। पुलिस मुख्यालय में सीनियर अधिकारियों के बीमार पड़ने पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सिर्फ कोरोना संक्रमण के दौरान विधि व्यवस्था को ही संभाला जा रहा है। कोई भी महत्वपूर्ण कार्य फिलहाल नहीं हो रहे हैं।

तीन दिनों में 100 से अधिक पुलिसकर्मी हुए संक्रमित। संख्या 127 से 282 हुई

झारखंड पुलिस में भी कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। तीन दिन पहले जहां 127 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित थे। तीन दिन के बाद ही यह संख्या 282 पहुंच गई है। यह संख्या सभी जिलों के संक्रमित पुलिसकर्मियों की है। राजधानी रांची में संक्रमित पुलिसकर्मियों के लिए बने आइसोलेशन सेंटर में वर्तमान में 24 पुलिसकर्मी-पदाधिकारी इलाजरत हैं। डीजीपी व आइजी होम आइसोलेशन पर हैं।

डीएसपी सहित 18 पुलिसकर्मियों-पदाधिकारियों की जा चुकी है जान

कोरोना वायरस के संक्रमण से राज्य में अब तक विशेष शाखा के डीएसपी रवि भूषण सहित कुल 18 पुलिस पदाधिकारियों-कर्मियों की मौत हो चुकी है। पुलिस पदाधिकारियों-कर्मियों पर खतरे को देखते हुए उनके एसोसिएशन ने सरकार से एक बार फिर यह मांग रख दी है कि पुलिसकर्मियों का भी स्वास्थ्यकर्मियों की तरह 50 लाख रुपये का बीमा हो। मृत्यु की स्थिति में शहीद की तरह उनके परिवार को अनुदान मिले।

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