Jharkhand: केंद्र ने स्वीकृत किए 500 ऑक्सीजन प्लांट, झारखंड के हिस्‍से एक भी नहीं... जानें बड़ी वजह

Narendra Modi vs Hemant Soren: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन।

Narendra Modi vs Hemant Soren केंद्र सरकार ने देश भर के लगभग 500 अस्पतालों में प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट लगाने की स्वीकृत दी लेकिन इसमें एक भी प्लांट झारखंड के लिए नहीं है। राज्य सरकार ने झारखंड के लिए भी ऑक्सीजन प्लांट का अनुरोध केंद्र से किया है।

Alok ShahiSat, 08 May 2021 07:28 PM (IST)

रांची, [नीरज अम्बष्ठ]। Narendra Modi vs Hemant Soren केंद्र सरकार ने देश भर के लगभग 500 अस्पतालों में प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट लगाने की स्वीकृत दी है, लेकिन इसमें एक भी प्लांट झारखंड के लिए नहीं है। इसकी जानकारी मिलने पर राज्य सरकार ने आवंटन पर पुनर्विचार करते हुए झारखंड के लिए भी पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति देने का अनुरोध केंद्र से किया है।

राज्य सरकार ने राज्य में संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या का हवाला देते हुए केंद्र से राज्य में अनिवार्य रूप से पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मांग की है। राज्य सरकार ने कहा है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में शीघ्र प्लांट लगाया जाना जरूरी है। राज्य सरकार ने इससे पहले 27 अस्पतालों में पीएसए प्लांट लगाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है।

राज्य सरकार ने इसपर भी अविलंब स्वीकृति देते हुए इसे लगाने की कार्रवाई करने को कहा है। इधर, पिछले साल राज्य के चार अस्पतालों रिम्स-रांची, सदर अस्पताल-रांची, एमजीएम-जमशेदपुर तथा पीएमसीएच-धनबाद में स्वीकृत पीएसए प्लांट में अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। राज्य सरकार ने इसके लिए जगह उपलब्ध करा दी है, लेकिन केंद्र द्वारा चयनित एजेंसी ने अभी काम शुरू नहीं किया है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल सितंबर माह में ही देशभर के 162 अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी दी थी। इनमें चार प्लांट झारखंड में लगने थे। देश के अन्य राज्यों के 33 अस्पतालों में ये ऑक्सीजन प्लांट तो लग चुके, लेकिन झारखंड के एक भी अस्पताल में यह अभी तक नहीं लग पाया है।

इधर, स्वास्थ्य विभाग ने रांची सदर अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक लगाने में सहयोग का अनुरोध केंद्र सरकार से किया है। स्वास्थ्य विभाग ने झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर ऑक्सीजन टैंक की स्वीकृति व इसे लगाने में सहयोग की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से की है। बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने सदर अस्पताल, रांची में टैंक लगाने में आ रही समस्या को देखते हुए राज्य सरकार को इसके लिए केंद्र सरकार को आवेदन देने को कहा था।

क्या है पीएसए ऑक्सीजन प्लांट, कैसे करता है काम

पीएसए प्लांट ऑक्सीजन को वायुमंडलीय हवा से दबाव स्विंग के माध्यम से सोखना तकनीक से अलग करता है। कंप्रेस्ड हवा जिसमें लगभग 21 फीसद ऑक्सीजन तथा 78 फीसद नाइट्रोजन होता है को जिओलाइट आणविक छलनी से होकर गुजारा जाता है, जिससे ऑक्सीजन अलग हो जाता है।

खत्म हो जाएगी सिलेंडर की समस्या

अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लग जाने से सिलेंडर और रिफलिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। अस्पताल में ही ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकेगा तथा तथा पाइप के माध्यम से बेड तक पहुंचाया जा सकेगा। बता दें कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सिलेंडर की कमी, रिफलिंग की समस्या तथा ट्रांसपोर्टेशन में समय लगने से ही अस्पतालों को आवश्यकता के अनुरूप ऑक्सीजन मिलने में दिक्कतें आती हैं।

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