Ranchi Municipal Corporation: नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामा, मेयर धरना पर बैठीं

Ranchi Municipal Corporation नगर निगम बोर्ड की बैठक सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। यह 11 बजे ही शुरू होनी थी। लेकिन काफी देर से शुरू हुई। हंगामा के बाद अधिकारी बैठक से चले गए हैं। मेयर समेत वार्ड पार्षद निगम के गेट पर धरने पर बैठ गए हैं।

Kanchan SinghMon, 27 Sep 2021 12:16 PM (IST)
नगर निगम बोर्ड की बैठक अब तक नहीं शुरू हो पाई है।

रांची,जासं। नगर निगम बोर्ड की बैठक सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। यह 11 बजे ही शुरू होनी थी। लेकिन काफी देर से शुरू हुई। हंगामा के बाद अधिकारी बैठक से चले गए हैं। मेयर समेत वार्ड पार्षद नगर निगम के गेट पर धरने पर बैठ गए हैं। वे नारे लगा रहे हैं कि नगर निगम के अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी। वार्ड पार्षद नगर आयुक्त के टेबल तक आ गए सबका कहना है कि नगर आयुक्त बैठक शुरू कराएं। अधिकारियों को बुलाएं। लेकिन अधिकारी आने के लिए तैयार नहीं हैं।

मेयर ने नगर आयुक्त से उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को बुलाया जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि वह एक बार फिर जाकर सभी अधिकारियों से अनुरोध करेंगे कि अधिकारी बोर्ड की बैठक में आएं। डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षदों के मनाने पर सभी अधिकारी सभागार में आए। लेकिन अभी सीट पर नहीं बैठे हैं। उनका कहना है कि मैडम माफी मांगें। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से सीट पर बैठने का अनुरोध किया

डीएमसी रजनीश कुमार ने कहा कि मेयर अपनी गलती मानें कि उन्होंने अधिकारियों पर गलत टिप्पणी की है तो वे बैठक में रहेंगे। इस पर वार्ड पार्षद नाजिमा रजा ने कहा कि अधिकारियों के प्रति मेयर ने गलत गलत टिप्पणी की है। एक तरह से उन्हें गाली दी है। इसलिए मेयर को माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। मेयर गुस्से में बोलने लगीं कि नाजिमा रजा जी बैठिए। मैं आपसे बात नहीं कर रही हूं। फिर हंगामा शुरू हो गया।

मेयर ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की अवहेलना कर बैठक में क्यों नहीं बैठ रहे हैं। 

अधीक्षण अभियंता रमाशंकर राम ने कहा कि उनको सरकार ने नगर निगम में काम करने के लिए तैनात किया है। वह काम कर रहे हैं। ऐसे में कोई उन्हें अगर गाली देगा तो हम गाली सुनने नहीं आए हैं। नगर निगम के अधिकारी बैठक का बहिष्कार कर चले गए। वार्ड पार्षद हंगामा कर रहे हैं। मेयर ने खड़े होकर अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी। नगर आयुक्त भी उठ गए हैं। बोर्ड की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई है। सभी वार्ड पार्षद बोर्ड की बैठक नहीं होने से नाराज हैं। वार्ड पार्षद का कहना है कि वह नगर निगम में तालाबंदी करेंगे।बोर्ड की बैठक नहीं होगी तो वह आंदोलन होगा।

इसके पूर्व मेयर आशा लकड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में पत्रकारों को भी बैठने की इजाजत दी जाए। इसके अलावा मेयर ने कहा कि इस बैठक में कार्यवृत्त की संख्या 4,11, 16 आदि गलत तरीके से उपस्थापित किए गए हैं। इसलिए इन कार्य पर वह रोक लगाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सालीसिटर जनरल से मंतव्य भी ले लिया है। उनका मंतव्य है कि मेयर नगर निगम की अध्यक्ष होती हैं। नगर आयुक्त सचिव होते हैं। इसलिए मेयर को बैठक बुलाने का अधिकार है। मेयर ने कहा कि उन्हें यह भी अधिकार है कि वह कोई भी एजेंडा अगर गलत तरीके से उपस्थापित किया गया है तो उस पर रोक लगा दें।

गौरतलब है कि सरकार की जल नीति पर चर्चा होनी है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट में लगे टाइमर लगाने के लिए एजेंसी के चयन पर चर्चा होनी है। पिछली बैठक में इन्हीं बिंदुओं को लेकर हंगामा हो गया था। मेयर ने इन प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। इसके बाद बोर्ड की बैठक स्थगित कर दी गई थी। तब से बोर्ड की बैठक नहीं हो पाई है। पिछले साल हुई बोर्ड की बैठक में तय हुआ था कि अब यह बैठक हर महीने की जाएगी।‌ लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया है।

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