ग्रामीण क्षेत्र में दूध का उत्पादन सबसे बड़ा व्यवसाय बनकर उभरा : मंत्री

राज्य के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख डा कुहरयन वर्गीज के शताब्दी समारोह में में शामिल हुए।

JagranSat, 27 Nov 2021 08:30 AM (IST)
ग्रामीण क्षेत्र में दूध का उत्पादन सबसे बड़ा व्यवसाय बनकर उभरा : मंत्री

जागरण संवाददाता, रांची : राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि राज्य में दुग्ध व्यवसाय का भविष्य उज्जवल है। दूध का उत्पादन बढ़ने से पशुपालकों की आय बढ़ी है। कृषि मंत्री शुक्रवार को मेधा डेयरी के होटवार डेयरी प्लांट कैंपस में झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ एवं इंडियन डेयरी एसोसिएशन, ईस्ट जोन, झारखंड चैप्टर द्वारा आयोजित श्वेत क्रांति के जनक डा. वर्गीज कुरियन के जन्म शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे।

कृषि मंत्री ने डा. वर्गीज कुरियन के योगदान पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने देश में दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए श्वेत क्रांति का शुभारंभ किया था। उन्हीं के प्रयासों का नतीजा है कि आज ग्रामीण क्षेत्र में दूध का उत्पादन सबसे बड़ा व्यवसाय एवं रोजगार का जरिया बनकर उभरा है। झारखंड राज्य दुग्ध महासंघ के प्रबंध निदेशक सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि डा. वर्गीज कुरियन के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत विश्व में नंबर-1 दूध उत्पादक देश है। उन्होंने कहा कि 30 साल पहले प्रति व्यक्ति दूध का खपत 86 ग्राम था, जो अब बढ़कर 405 ग्राम हो गया है। वर्तमान में भारत 184 मिलियन मिट्रिक टन दूध का उत्पादन कर रहा है। हालांकि अभी हमारे यहां ब्रीड इंप्रूवमेंट का काम चल ही रहा है। एक गाय औसतन सात से आठ लीटर दूध देती है, जबकि विदेशों में 40 लीटर औसत है। बावजूद भारत अन्य देशों में दूध का निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में मेधा 1.5 लाख लीटर दूध एकत्र कर रही है। यह सब डा. वर्गीज की सोच का ही नतीजा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिल्क फेडरेशन से राज्य के 40 हजार दूध उत्पादक जुड़े हैं। वहीं, होटवार, कोडरमा, लातेहार, देवघर एवं सारठा में पांच प्लांट 1.90 लाख लीटर प्रोसेसिग क्षमता के साथ चल रहे हैं। पलामू और साहिबगंज में दो नए प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में है।

इससे पूर्व कृषि मंत्री ने प्लांट परिसर में डा. वर्गीज कुरियन की मूर्ति का अनावरण किया। समारोह में मेधा ब्रांड के अंतर्गत मिठाई की श्रेणी में नए उत्पाद मेधा स्पेशल को लांच किया गया। बताया गया कि मेधा स्पेशल मिठाई का स्वाद राबड़ी की तरह है। यह 80 ग्राम के कप में मेधा के हर रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध होगा। वहीं, मिल्क फेडरेशन से जुड़े 22 हजार किसानों के बीच 86 लाख रुपये बोनस का वितरण ऑनलाइन किया गया। साथ ही नौ दुग्ध सहकारिता समितियों को निबंधन पत्र सौपा गया। विगत सितंबर माह में आयोजित शिविर में रक्तदान करने वाले 33 रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया।

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