एक साल में डेढ़ गुना तक बढ़े मानसिक रोगी, CIP के निदेशक बोले- परिवार के सदस्यों के व्यवहार में आने वाले बदलाव पर रखें नजर

एक साल में डेढ़ गुना तक बढ़े मानसिक रोगी। जागरण

अगर पिछले दस वर्ष के आंकड़े पर गौर करें तो यह साफ पता चलता है कि मानसिक रूप से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरोना महामारी की दस्तक से लेकर अब तक के हालात पर नजर डालें तो स्पष्ट हो रहा।

Vikram GiriWed, 24 Feb 2021 03:49 PM (IST)

रांची, जासं । अगर पिछले दस वर्ष के आंकड़े पर गौर करें तो यह साफ पता चलता है कि मानसिक रूप से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरोना महामारी की दस्तक से लेकर अब तक के हालात पर नजर डालें तो स्पष्ट हो रहा कि हाल के महीनों में मानसिक रूप से परेशान और बीमार होने वाले लोगों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। अब तक इस पर अलग-अलग संस्थाओं की ओर से किए गए छोटे-छोटे स्तर के अध्ययन की रिपोर्ट सामने आई है।

सरकारी स्तर पर अब तक विस्तृत तौर पर कार्ययोजना बनाकर कोई समग्र अध्ययन नहीं हुआ है लेकिन आने वाले दिनों में निश्चित रूप से इस पर वृहद स्तर पर शोध किया जाएगा। वर्तमान में देखा जा रहा है कि स्कूली बच्चों में सबसे अधिक परेशानी बढ़ी है, इसके बाद हाउसवाइफ में भी मानसिक परेशानी देखने को मिल रही है। चूंकि बच्चों के स्कूल कॉलेज लंबे समय से बंद है।

करीब एक साल से अपने दोस्तों से दूर, शिक्षकों से दूर और शैक्षणिक माहौल से दूर रह रहे है। यह अकेलेपन का माहौल अब इन सब के लिए उबाऊ होता जा रहा है। घर में बच्चों की परेशानी के कारण ही माताएं भी चिड़चिड़ी हो जा रही है। इन सभी पर ध्यान देने की जरूरत है। उक्त बातें सीआईपी के नए निदेशक डॉ बासुदेव दास ने कही। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के आंकड़े देखे तो मरीजों की संख्या में डेढ़ गुना के करीब इजाफा हुआ है। चिकित्सक लगातार मरीजों के उपचार में लगे है।

कोरोना का खतरा अभी टला नहीं, मानसिक तौर पर खुद को रखे स्वस्थ

इधर, सीआईपी निदेशक वासुदेव दास ने कहा कि जब कोरोना का शुरुआती समय था तब लोगों के मन में काफी डर था। हालांकि अब वैसा नहीं है। लोगो ने भी खुद को उसके अनुकूल ढाल लिया है। यह काफी अच्छा है। लेकिन जिस तरह से दूसरे कुछ राज्यो में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अब तक यह अंत की ओर नहीं पहुंचा है। ऐसे में अब भी कोरोना का खतरा टला नहीं है। खुद को मानसिक तनाव से दूर रखें और स्वस्थ रहें।

ऐसे रहें मानसिक रूप से स्वस्थ

- तनाव, अवसाद, नींद नहीं आने, चिड़चिड़ापन, बेचैनी जैसी स्थिति में तत्काल मनोचिकित्सकों की राय लें। इसके लिए अस्पताल पहुंचने की बजाए हेल्पलाइन नंबर अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंस का सहारा लें।

- योग, व्यायाम करें। दिनचर्या को पूरी सावधानी के साथ धीरे-धीरे बदलें। हर दिन अपना समय बेहतर परिवेश में गुजारने का प्रयास करें। काल्पनिक भय को खुद पर हावी नहीं होने दें।

- परिवार के बच्चों व वृद्ध लोगों के साथ समय गुजारें। परिवार में अस्वस्थ होने वाले लोगों के इलाज की समुचित व्यवस्था करें। किसी भी रूप में बीमार लोगों को सामाजिक बहिष्कार की श्रेणी में खड़ा नहीं होने दें।

- परिवार के हर सदस्य के मनोरंजन की व्यवस्था करें। अनावश्यक भय का वातावरण पैदा न करें। सावधानी, लापरवाही व गैर जरूरी उपाय के बीच के अंतर को लेकर स्पष्ट रहें।

- परिवार के हर सदस्य के व्यवहार पर निगाह रखें। परिवार के कलह से बचें। मानसिक रूप से बीमार अथवा हाल में स्वस्थ होने वाले लोगों के प्रति विशेष ध्यान रखें।

आंकड़े की नजर में सीआईपी में वर्षवार बढ़ने वाले मरीजों की संख्या

वर्ष - ओपीडी - भर्ती - छोड़े गए - मौत

2007 - 55903 - 3047 - 2966 - 10

2008 - 59175 - 3623 - 3577 - 08

2009 - 61780 - 4186 - 4133 - 09

2010 - 65757 - 4576 - 4534 - 03

2011 - 69071 - 4086 - 4127 - 04

2012 - 70827 - 4462 - 4404 - 06

2013 - 74062 - 4190 - 4174 - 08

2014 - 73509 - 4150 - 4166 - 04

2015 - 77431 - 4274 - 4250 - 08

2016 - 84647 - 4307 - 4229 - 08

2017 - 88178 - 4263 - 4329 - 07

2018 - 92901 - 4018 - 3955 - 02

2019 - 98789 - 4892 - 4884 - 12

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