मौलाना इसरार-उल-हक बने जमीयत उलेमा के अध्यक्ष, मौलाना नेमातुल्लाह समेत चार बने उपाध्यक्ष

प्रदेश में जमीयत उलेमा के पिछले तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आगामी तीन वर्ष के लिए जमीयत उलेमा का प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इसरार-उल-हक मजाहिरी को चुना गया। सर्वसम्मति से अगले तीन साल के लिए उन्हें अध्यक्ष चुना गया है। सभा ने समर्थन में हाथ उठाया।

Vikram GiriTue, 14 Sep 2021 06:50 AM (IST)
मौलाना इसरार-उल-हक बने जमीयत उलेमा के अध्यक्ष। जागरण

रांची, जासं । प्रदेश में जमीयत उलेमा के पिछले तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आगामी तीन वर्ष के लिए जमीयत उलेमा का प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इसरार-उल-हक मजाहिरी को चुना गया। सर्वसम्मति से अगले तीन साल के लिए उन्हें अध्यक्ष चुना गया है। सभा ने समर्थन में हाथ उठाया। रांची के मौलाना मोहम्मद, दुमका के नेमतुल्ला, मौलाना मुफ्ती इकबाल गोड्डा और मौलाना मिन्हाज को उपाध्यक्ष चुना गया। कोषाध्यक्ष शाह उमैर चुने गए। जमीयत उलेमा-ए-हिंद पर्यवेक्षक सह जमीयत उलेमा-ए-बिहार के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती जावेद इक़बाल और विभिन्न जिला से आये सदस्यों की उपस्थिति में इन पदों पर सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। रांची के कडरू मदरसा हुसैनिया में आयोजित पराज्य मुंतज़मा की बैठक में यह घोषणा की गई।

इससे पूर्व बैठक की शुरुआत कारी शकील ने तिलावत कुरआन पाक से की। अध्यक्षता हज़रत मौलाना इसरार-उल-हक मज़ाहिरी ने की और संचालन मौलाना मुफ्ती क़मर आलम कासमी ने किया। हजरत मौलाना डॉ. ओबैदुल्लाह कासमी और खुर्शीद हसन रूमी ने मौलाना इसरार-उल-हक मजाहिरी को अध्यक्ष पद के लिए नामित किया। सब ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसी प्रकार उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के लिए भी नाम पेश किए गए, जिनका पूरे हाउस हाथ उठाकर समर्थन किया। चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीयत उलेमा-ए-बिहार के अध्यक्ष हजरत मौलाना मुफ्ती जावेद इक़बाल ने कहा कि आज शिक्षा पर और ज्यादा काम करने की जरूरत है। मौलाना ने कहा कि जमीयत उलेमा-मिल्लत-ए-इस्लामिया शरीयत-ए-मोताहारा की सुरक्षा के लिए काम करता रहा है। जमीयत उलेमा राष्ट्रीय एकता की बात करता है।

इसके अलावा जमीयत उलेमा झारखंड के उपाध्यक्ष हजरत मौलाना मोहम्मद ने जमीयत उलेमा के उद्देश्यों और उनके काम करने का तरीका बताया। मौलाना ने कहा कि जैसे ऑक्सीजन की जरूरत है, वैसे ही आज जमात की जरूरत है। मौलाना मोहम्मद ने कहा कि जमीयत उलेमा झारखंड का अपना कार्यालय हो। अपनी जमीन हो और हम सभी को इस पर काम करने की जरूरत है। मौलाना मुफ्ती अब्दुल वाजिद चतुर्वेदी ने जितने भी उलेमा ए कराम जो अब इस दुनिया मे नही रहे हाउस की तरफ से उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत हुए सभी उलेमा के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं जमीयत उलेमा झारखंड के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी शाह उमैर को सौंपे जाने के बाद कई लोगो ने मुबारकबाद पेश की। मौलाना वाजिद चतुर्वेदी, हारून राशिद आजाद, खुर्शीद हसन रूमी, मुफ्ती नजर तौहीद, हजरत मौलाना मुहम्मद, काजी उजैर कासमी, आदिल रशीद, समेत सैकड़ों लोगों ने बधाई दी। मदरसा हुसैनिया और इंतेजामिया को धन्यवाद

जमीयत उलेमा झारखंड के कोषाध्यक्ष शाह उमैर ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से हजरत मौलाना मोहम्मद साहब, मौलाना अहमद, कारी असजद, कारी असद और मदरसा हुसैनिया की पूरी टीम और प्रबंधन का शुक्रिया अदा किया। मैं विशेष रूप से उन सभी लोगों का धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने जमीयत उलेमा-ए-झारखंड के राज्य चुनाव के खर्च में योगदान दिया।

इस चुनावी सभा में शामिल होने वाले सदस्य

जिनमे मौलाना डॉ. असगर मिस्बाही, मौलाना डॉ. ओबैदुल्लाह कासमी, खुर्शीद हसन रूमी, हारून रशीद आज़ाद, मौलाना जसीम चतरा, मौलाना गुलाम सरवर रामगढ़, मौलाना शाकिर, गुलाम शाहिद रांची, मुफ्ती उज़ैर बलसोकर, मौलाना अब्दुला, मौलाना नेमातुल्ला दुमका, मौलाना कय्यूम, कारी. सोहैब, सैयद निहाल अहमद, डॉ. शाहबाज आलम, इकबाल इमाम, हाफिज खुर्शीद, मुफ्ती कमर आलम, हाजी मुस्लिम, शाह उमैर, मुफ्ती सलमान, मुफ्ती तलहा नदवी, बोकारो से मौलाना सलमान अख्तर, धनबाद से मौलाना इब्राहिम, मौलाना इसहाक, लोहरदगा से मौलाना हमीद, मौलाना ताबीश, सरायकिला से मौलाना शाहिद, मौलाना ज़ैनुल आबिदीन, मौलाना शाकिर, रामगढ़ से मौलाना अब्दुल गफ्फार, खुंटी से मौलाना शकील, लातेहार से मौलाना जियाउल्लाह, मौलाना अब्दुल वाजिद चतुर्वेदी, जामताड़ा से हाफिज सईद, मौलाना जलालुद्दीन, पलामू से मौलाना आजाद, मौलाना परवेज, साहिबगंज से मौलाना कफिल, मौलाना अब्दुल मलिक, सिमडेगा से मौलाना मिन्हाज, मौलाना सैफुल्ला, गिरिडीह से मौलाना अब्दुल समद, मौलाना शहादत, पाकुड से मौलाना महबूब आलम, अब्दुल अहद, चतरा से मौलाना जसीम, फजल अली, हारून राशिद, दुमका से हाफिज सगीर, मुफ्ती सलाहुद्दीन, देवघर से मौलाना रिजवानुल्ला, मौलाना शमीम, कोडरमा से मौलाना जाहिद, कारी एहसान, बोकारो से मौलाना सलमान, मौलाना खुर्शीद, रांची से हाफिज आरिफ सोंस, हाफिज दानिश, आदिल रशीद, गुलाम शाहिद, मौलाना जहांगीर, मौलाना इकबाल, मौलाना नूर, कारी इसराफिलस, क़ाज़ी उज़ैर, समेत सैकड़ों लोग थे।

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