ECFAI University: इक्फाई विश्वविद्यालय में जेएसएलपीएस प्रबंधकों के लिए प्रबंधन विकास कार्यक्रम का हुआ उद्घाटन

प्रबंधकीय प्रभावशीलता को बढ़ाने पर प्रबंधन विकास कार्यक्रम का उद्घाटन इक्फाई विश्वविद्यालय में किया गया।

ECFAI University झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार के जिला परियोजना प्रबंधकों के लिए प्रबंधकीय प्रभावशीलता को बढ़ाने पर प्रबंधन विकास कार्यक्रम का उद्घाटन इक्फाई विश्वविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जेएसएलपीएस के मुख्य परिचालन अधिकारी विष्णु चरण परिधि ने किया।

Kanchan SinghFri, 26 Feb 2021 05:50 PM (IST)

रांची, जासं। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के जिला परियोजना प्रबंधकों के लिए "प्रबंधकीय प्रभावशीलता को बढ़ाने" पर प्रबंधन विकास कार्यक्रम का उद्घाटन इक्फाई विश्वविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जेएसएलपीएस के मुख्य परिचालन अधिकारी विष्णु चरण परिधि द्वारा किया गया।

इस मौके पर कार्यक्रम के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो ओआरएस राव ने कहा कि प्रबंधकीय प्रभावशीलता अपेक्षित परिणामों को पूरा करने के लिए है, जो जिला परियोजना प्रबंधकों के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम को हमारे विश्वविद्यालय द्वारा जेएसएलपीएस की आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिसमें परियोजना प्रबंधन, हितधारक प्रबंधन, टीम प्रबंधन, डिजिटल कौशल, समय प्रबंधन कार्य-जीवन संतुलन और तनाव प्रबंधन आदि मॉड्यूल शामिल हैं। झारखंड के समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास में जेएसएलपीएस के योगदान की उन्होंने सराहना की।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विष्णु चरण परिदा ने कहा कि यह कार्यक्रम आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास में एक नई शुरुआत करेगा और आपको अपनी परियोजनाओं में परिणाम प्राप्त करने में मदद करेगा। साथ ही साथ आपके काम और जीवन को संतुलित करेगा। यह आपके लिए एक मौका है कि आप अवांछित चीजों को अनजान करें और नई चीजें सीखें। उन्हें अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में लागू करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था करने के लिए कई प्रतिभागियों ने जेएसएलपीएस के प्रबंधन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, जो उनके प्रबंधकीय कौशल और व्यक्तित्व विकास को बढ़ाने में मदद करेगा। सहायक डीन और कार्यक्रम समन्वयक डा भागवत बारिक ने बताया कि कार्यक्रम को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों और केस विधियों का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो अरविंद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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