दांतों के दर्द से कराह उठे लालू, डॉक्‍टर ने उखाड़ा, जानिए

रांची, जासं। चारा घोटाले के चार मामलों में सजा काट रहे हाई प्रोफाइल बंदी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव इस बार अपने दांत को लेकर परेशान हैं। उनका लोअर मोलर सड़ गया है, जिससे खाने-चबाने में उन्‍हें भारी दिक्‍कत हो रही है। रांची के रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाजरत लालू को पिछले कई दिनों से दांत दर्द के कारण परेशानी हो रही थी। बताया गया कि उनके आखिरी दांत में सड़न (कैविटी) हो गया था। एक अन्य दांत में भी उन्‍हें तकलीफ है।

अपनी दांतों से असहज हो रहे लालू को रिम्‍स में डेंटल डिपार्टमेंट ले जाया गया, जहां दांत की जांच के बाद एक्स-रे भी किया गया। पता चला कि लोअर थर्ड मोलर में कीड़ा लगा हुआ है। इस कारण मसूड़ों में दर्द हो रहा है। हालांकि आखि‍री दांत का इस्तेमाल खाने में नहीं होता लेकिन कीड़ा लगने के कारण उसमें दर्द हो रहा है। डॉक्टरों ने उनकी परेशानी को देखते हुए सड़े हुए दांत को शुक्रवार को निकाल दिया है। डेंटल विभाग में उनका इलाज कर रहे ओरल मेडिसीन रेडियोलॉजी विभाग के इंचार्ज डॉ प्रशांत गुप्ता ने बताया कि लालू प्रसाद के लोअर थर्ड मोलर में सड़न लगी हुई थी, जिससे दर्द हो रहा था। उनकी असहजता को देखते हुए दांत को निकाल दिया गया है।

रिम्‍स में लालू की सुरक्षा ताक पर
बीते दिन लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी प्रसाद यादव उनसे बिना परमिशन के मिले थे। इस मामले में जेल आइजी ने जांच बिठाई थी। अब ताजा मामला बिना जेल अधीक्षक की औपचारिक अनुमति के उन्‍हें डेंटल वार्ड में ले जाकर इलाज कराने से जुड़ गया है। बताया गया कि लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए डॉ. डीके झा की निजी गाड़ी से उन्‍हें डेंटल विभाग पहुंचाया गया था। डॉ. डीके झा लालू की देखरेख कर रहे चिकित्‍सकों की टीम में शामिल हैं। हालांकि इस दौरान लालू के साथ गाड़ी में बरियातू थाना प्रभारी अजय केशरी भी बैठे थे।

इस मूवमेंट में बरियातू थाना प्रभारी के साथ पुलिसकर्मियों की पुख्ता तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में उन्हें पेइंग वार्ड से डेंटल विभाग तक लाया गया। 20 मिनट की जांच के बाद लालू वापस पेइंग वार्ड पहुंचे। इस क्रम में डेंटल विभाग तक जाने में लालू प्रसाद गाड़ी की अगली सीट पर बिना सीट बेल्ट लगाए ही बैठे रहे। ड्राइवर ने भी सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी।

इधर रिम्‍स के निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि पेइंग वार्ड में भर्ती उच्च क्षेणी के कैदी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के मूवमेंट के लिए अस्पताल से एंबुलेंस लिया जाना चाहिए था। उनकी चिकित्‍सकीय टीम अगर एंबुलेंस की डिमांड करती तो उन्‍हें जरूर उपलब्ध कराई जाती। जहां तक डॉक्टर की निजी गाड़ी से एक विभाग से दूसरे विभाग ले जाने की बात है तो यह गलत है। वे इस मामले को गंभीरता से देखेंगे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.