Koderma News: आंगनबाड़ी केंद्र निजी प्ले स्कूल को दे रहा टक्कर, पढ़ाई से लेकर खेलकूद की है सारी व्यवस्थाएं

Koderma News आंगनबाड़ी केंद्र(Anganwadi Center) को बच्चों के लिए खिचड़ी वितरण केंद्र के रूप में जाना जाता है। लेकिन कोडरमा के लोचनपुर आंगनबाड़ी केंद्र(Lochanpur Anganwadi Center) को आदर्श केंद्र(Ideal Center) के रूप में चिन्हित करते हुए प्री नर्सरी स्कूल का दर्जा दिया गया है।

Sanjay KumarThu, 02 Dec 2021 05:30 PM (IST)
Koderma News: आंगनबाड़ी केंद्र निजी प्ले स्कूल को दे रहा टक्कर, पढ़ाई से लेकर खेलकूद की है सारी व्यवस्थाएं

कोडरमा (संवाद सहयोगी)। Koderma News: आमतौर पर आंगनबाड़ी केंद्र(Anganwadi Center) को बच्चों के लिए खिचड़ी वितरण केंद्र के रूप में जाना जाता है। लेकिन आज इसके स्वरूप में व्यापक परिवर्तन आ रहा है। कोडरमा के लोचनपुर आंगनबाड़ी केंद्र(Lochanpur Anganwadi Center) को आदर्श केंद्र(Ideal Center) के रूप में चिन्हित करते हुए प्री नर्सरी स्कूल का दर्जा दिया गया है। 21 नवबंर को केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इसका विधिवत रूप से उद्धघाटन किया था। इस मौके पर उन्हाेंने कहा था कि नई शिक्षा-2020 में आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यापक बदलाव की रूपरेखा तैयार की गई है। यहां बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा भी बराबर मात्रा में दी जाएगी।

यहां बच्चों की पढ़ाई से लेकर खेलकूद की है सारी व्यवस्थाएं:

लोचनपुर माॅडल आंगनबाड़ी में बच्चों के खेलकूद के साथ शैक्षणिक विकास पर जोर दिया जा रहा है। यहां बच्चों के खेलने के लिए साइकिल, घोड़ागाड़ी, टाय कार, बाल और बैट की व्यवस्था की गई है। साथ ही बच्चों के बैठने वाले कमरे की दीवारों पर हिंदी, अंग्रेजी वर्णमाला, महीनों के नाम, दिन के नाम, मानव शरीर के अंगों के नाम, जंगली जानवर व पालतु जानवरों के नाम तस्वीरों के जरिए दर्शाए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र की पोषण सखी अनुराधा गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन खेलकूद के साथ शिक्षा से जोड़ा जा रहा है और नियमित तौर पर अभ्यास कराया जा रहा है। वहीं सहायिका रीता देवी ने बताया कि बच्चों के शारीरिक विकास के लिए पौष्टिक युक्त खिचड़ी और ड्राई फ्रूट भी दिया जाता है।

इस केंद्र में फिलहाल 40 बच्चे नामांकित है:

बच्चों को स्कूल जाने के लिए किया जा रहा तैयार: डीसीउपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का जीर्णोद्धार मात्र आंगनबाड़ी भवन के स्वरूप में बदलाव नहीं करना है, बल्कि इन केंद्रों के जरिए बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि गेटिंग द किड्स स्कूल रीड के तहत बच्चों को शारीरिक रूप के साथ शैक्षणिक रूप से विकसित किया जा रहा है। डीसी ने बताया कि फिलहाल लोचनपुर आंगनबाड़ी को प्री नर्सरी स्कूल के रूप के विकसित किया गया है और आने वाले समय दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों को इस रूप में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों को पोषण के साथ बराबर अनुपात में शिक्षित भी बनाया जा रहा है। इसके लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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