प्राथमिक शिक्षक संघ ने राजभवन के पास दिया धरना, मांगें नहीं मानने पर चुनाव बहिष्‍कार की चेतावनी

रांची, जासं। अपग्रेड वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने सोमवार को राजभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले राज्य भर से जुटे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कहा, वरीय व प्रवरण वेतनमान को समाप्त कर दिया गया है। सचिवालय कर्मियों को अपग्रेड वेतनमान दिया गया, लेकिन शिक्षकों को इससे अभी तक वंचित रखा गया है। सरकार शिक्षकों की लंबित मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।

यदि हमारी मांगों को नहीं माना जाता है, तो विवश होकर चुनाव कार्यों का बहिष्कार करेंगे। शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी मिलने गया। लेकिन, सीएम के नहीं होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। प्रतिनिधिमंडल से कहा गया कि वे जल्द ही सीएम से वार्ता कराएंगे। इसके बाद शाम में धरना समाप्त हुआ।

 ये हैं मुख्य मांगें

अपग्रेड वेतनमान दिया जाए। अनुकंपा पर तथा वर्ष 1986 एवं 1987 से पूर्व नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को भी अन्य अप्रशिक्षितों की तरह भूतलक्षी प्रभाव से वेतन का लाभ दिया जाए। उर्दू शिक्षकों को योजना से गैर योजना मद में किया जाए। एमएसीपी (मोडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ दिया जाए। प्रोन्नति नियमावली 1993 को शिथिल कर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति दी जाए। सेवा पुस्तिका डीएसई के पास रखने के आदेश को निरस्त किया जाए। अंतर जिला स्थानांतरण की व्यवस्था की जाए। शिक्षकों को साधन सेवी व परिवर्तन दल से मुक्त किया जाए।

मांगें नहीं मानी, तो जाएंगे हड़ताल पर

संघ के उपाध्यक्ष मैनेजर प्रसाद सिंह ने कहा कि लंबित मांगों को लेकर पूर्व में भी शिक्षा मंत्री से लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक से वार्ता हुई है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं हुआ, तो राज्य भर के प्राथमिक शिक्षक हड़ताल पर चले जाएंगे। धरना स्थल पर रण विजय तिवारी, सुधीर चंद्र, विक्रम महतो, निखिल मंडल, ईश्वर हेंब्रम, मिथिलेश कुमार, कमलेश्वर पांडेय, मंटू लाल महतो सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक मौजूद थे।

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