झारखंड में लापरवाही बरतने वाले एसपी और एसएसपी पर ग‍िरेगी अब पुलिस मुख्यालय की गाज

Jharkhand News पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) राज्य में अब सभी जिलों के एसएसपी-एसपी के कार्यों की समीक्षा करेगा। एक साल के भीतर एसपी-एसएसपी ने कैसा प्रदर्शन किया इसकी बिंदुवार समीक्षा होगी। डीजीपी नीरज सिन्हा ने सभी रेंज डीआइजी जोनल आइजी को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है।

Sanjay KumarTue, 07 Dec 2021 10:30 AM (IST)
Jharkhand News: पुलिस मुख्यालय करेगा एसपी-एसएसपी के प्रदर्शन की समीक्षा

रांची(राज्य ब्यूरो)। Jharkhand News: पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) राज्य में अब सभी जिलों के एसएसपी-एसपी के कार्यों की समीक्षा करेगा। एक साल के भीतर एसपी-एसएसपी ने कैसा प्रदर्शन किया, इसकी बिंदुवार समीक्षा होगी। डीजीपी नीरज सिन्हा ने सभी रेंज डीआइजी, जोनल आइजी को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने रेंज डीआइजी व जोनल आइजी से एसएसपी-एसपी की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) ससमय देने का आदेश दिया है और यह भी कहा है कि उस रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र करना है कि एक साल के भीतर मासिक कार्य रिपोर्ट पर पुलिस मुख्यालय की टिप्पणी क्या थी।

एसएसपी-एसपी ने गंभीर अपराधों में कार्रवाई, लंबित कांडों का निष्पादन, लंबित वारंटों एवं कुर्की आदेशों का निष्पादन, गश्त चेकिंग व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में उग्रवाद विरोधी अभियानों का संचालन कैसे किया, इसका भी जिक्र डीआइजी व जोनल आइजी अपनी रिपोर्ट में करेंगे। पुलिस केंद्र में प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो दिन पुलिस सभाओं का आयोजन, आरोपों का ससमय निष्पादन, विभागीय जांच एव विभागीय कार्रवाहियों का ससमय निष्पादन कितना हुआ, इस बिंदु पर भी एसएसपी-एसपी के कार्यों की समीक्षा होगी।

उग्रवादियों की संपत्ति जब्ती

पुलिस मुख्यालय के सभागार में सोमवार को डीजीपी नीरज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के एसपी, रेंज डीआइजी व जोनल आइजी के साथ अपराध पर समीक्षा बैठक की। वर्तमान में नक्सल की स्थिति व विधि व्यवस्था में आ रही परेशानियों पर अधिकारियों से बातचीत के क्रम में डीजीपी ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे उग्रवादियों की चल-अचल संपत्ति का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करें। प्रदेश में ऐसे करीब 30 से 40 बड़े उग्रवादी हैं, जिनकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी है। इसके अलावा फरार नक्सली कमांडरों के खिलाफ इनाम की घोषणा के प्रस्तावों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसमें फरार नक्सलियों की सपत्ति की कुर्की-जब्ती करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पीएलजीए सप्ताह के दौरान प्रदेश में कैसी रही नक्सलियों की गतिविधियां, इस विषय पर डीजीपी ने सभी अधिकारियों से जानकारी ली।

कांडों के शीघ्र निष्पादन की दिशा में करें कार्रवाई

समीक्षा बैठक में डीजीपी ने राज्य के सभी पुलिस पदाधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रकार के अवैध कारोबार जैसे अवैध कोयला, अवैध लोहा, अवैध शराब तथा अन्य सभी प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों सहित सभी प्रकार के अवैध कारोबार पर पूर्ण रोक लगाते हुए अवैध कारोबारियों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्मादी भीड़ की हिंसा का मामला हो या एससी-एसटी से संबंधित मामला, इसकी डीआइजी समीक्षा करें और ऐसे मामलों का निष्पादन शीघ्र करें। सावर्जनिक संपत्ति अधिनियम के मामलों में प्रगति और क्षति की वर्तमान स्थिति, तीन वर्ष, पांच वर्ष और 10 वर्ष से अधिक अवधि से लंबित मामलों के पीछे के कारण क्या रहे, उन्हें दूर कर, कांडों के शीघ्र निष्पादन की दिशा में कार्रवाई करें।

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