Saraikela Naxal Attack: कुकड़ूहाट में सुरक्षा बलों पर हमले से पूर्व नक्सलियों ने किया था पूर्वाभ्यास

Jharkhand Saraikela Naxal Attack:कुकड़ूहाट में सुरक्षा बलों पर हमले के एक दिन पूर्व नक्सलियों ने अरहांजा जंगल में पूर्वाभ्यास किया।

Jharkhand Saraikela Naxal Attack राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने सरायकेला-खरसांवा के तिरुलडीह थाना क्षेत्र स्थित कुकड़ूहाट में 14 जून 2019 को नक्सली हमले में हुई पांच पुलिस अधिकारियों-कर्मियों की शहादत मामले में गुरुवार को द्वितीय पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है।

Alok ShahiThu, 15 Apr 2021 09:57 PM (IST)

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Saraikela Naxal Attack राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने सरायकेला-खरसांवा के तिरुलडीह थाना क्षेत्र स्थित कुकड़ूहाट में 14 जून 2019 को नक्सली हमले में हुई पांच पुलिस अधिकारियों-कर्मियों की शहादत मामले में गुरुवार को द्वितीय पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। एनआइए ने रांची स्थित एनआइए की विशेष अदालत में 18 नक्सलियों पर यह आरोप पत्र दाखिल किया है।

दाखिल आरोप पत्र में एनआइए ने बताया है कि अनुसंधान में यह पता चला है कि कुकड़ूहाट में सुरक्षा बलों पर हमले की योजना सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल दा के नेतृत्व में हमले के एक माह पहले बनाई गई थी। इसे घटना के एक दिन पहले अरहंजा जंगल में अंतिम रूप दिया गया, जहां नक्सलियों ने हमले का पूर्वाभ्यास किया था। हमले के पीछे मूल उद्देश्य था हथियार लूटना और एक साथी नक्सली प्रदीप स्वांसी की हत्या का बदला लेना। प्रदीप स्वांसी पुलिस मुठभेड़ में घटना के पहले मारा गया था।

जिन नक्सलियों पर आरोप पत्र दाखिल किया गया है, उनमें सुनील तिड़ू, बुधराम मार्डी उर्फ बुधुराम मार्डी, श्रीराम मांझी, नरेश लाेहार उर्फ रामू लोहार उर्फ नाम नरेश लोहार, आलमगीर अंसारी, लखन सरदार, जोसेफ पूर्ति उर्फ टीपू उर्फ टीपुरा, अनेम हेस्सा पूर्ति, तबारक अंसारी, मंगल टोपनो उर्फ लालू सरदार, सोयना सिंह सरदार उर्फ मोटू, जितराय मुंडा उर्फ जितराम उर्फ जितुराम, बोयदा पाहन, राकेश मुंडा उर्फ सुकरा मुंडा, नैना उर्फ बिरसा बिरहोर उर्फ बिरसा मुंडा, महाराज प्रमाणिक उर्फ राज दा, अमित मुंडा उर्फ सुखलाल मुंडा, अनल दा उर्फ रमेश उर्फ पतिराम मांझी उर्फ तूफान शामिल हैं।

सरायकेला-खरसांवा के तिरुलडीह थाना क्षेत्र स्थित कुकड़ूहाट में 14 जून 2019 को नक्सलियों ने पुलिस पर हमला तब बोला था, जब पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी गश्त पर थी। नक्सलियों ने हमला कर पांच पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या के बाद उनके हथियार व कारतूस को भी लूट लिया था। इस मामले में तिरुलडीह थाने में 15 अप्रैल 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। झारखंड पुलिस ने इस केस में 11 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। एनआइए ने इस केस को टेकओवर करते हुए नौ दिसंबर 2020 को अपने यहां प्राथमिकी दर्ज की थी।

एनआइए के अनुसंधान में यह बात सामने आई कि सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल दा उर्फ रमेश उर्फ पतिराम मांझी ने ही पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर हमले की योजना बनाई थी। यह योजना 13 जून 2019 को ही सरायकेला-खरसांवा के ही अरहांजा जंगल में बनी थी। वहीं पर घटना को कैसे अंजाम देना है, उसका नक्सलियों ने पूर्वाभ्यास किया था। अनुसंधान में यह भी जानकारी मिली कि इस योजना को कुख्यात नक्सली महाराज प्रमाणिक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।

वह बुंडू-चांडिल सब जोन का जोनल कमांडर है और 10 लाख रुपये का इनामी है। इस हमले के पीछे का उद्देश्य हथियार लूटकर माओवादियों को मजबूत बनाना और एक नक्सली प्रदीप स्वांसी की हत्या का बदला लेना था। प्रदीप स्वांसी को को सुरक्षा बलों ने ही मुठभेड़ में मार गिराया था। इस पूरे मामले में एनआइए का अनुसंधान जारी है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.